कोलकाता: बन्धन बैंक ने वित्त वर्ष २०२५-२६ के अपने वित्तीय परिणाम जारी किए हैं, जिनमें मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। इस अवधि में बैंक का कुल कारोबार ११ प्रतिशत से अधिक बढ़कर ३.२ लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है।कुल ऋण पोर्टफोलियो १२.६ प्रतिशत बढ़कर १.५४ लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि कुल जमा वर्ष-दर-वर्ष १० प्रतिशत बढ़कर १.६६ लाख करोड़ रुपये हो गया है। कुल जमा में खुदरा क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग ७४ प्रतिशत रही।वित्त वर्ष २०२५-२६ के दौरान बैंक का लाभ १,२२४ करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस वृद्धि का मुख्य कारण वितरण नेटवर्क का विस्तार, परिचालन क्षमता में सुधार और निरंतर दक्षता बढ़ाने के प्रयास रहे हैं।बन्धन बैंक वर्तमान में देश के ३६ में से ३५ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ६,३५० से अधिक बैंकिंग आउटलेट्स के माध्यम से लगभग ३.२ करोड़ ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहा है। बैंक में कुल कर्मचारियों की संख्या ७५,००० से अधिक है।इस वित्त वर्ष में चालू खाता और बचत खाता अनुपात २९.३ प्रतिशत रहा। बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात १८ प्रतिशत दर्ज किया गया, जो नियामकीय मानकों से काफी अधिक है और वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वित्त वर्ष २०२५-२६ का परिणाम बैंक के मजबूत फ्रेंचाइज़ और अनुशासित कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आगे बैंक ग्राहक-केंद्रित और डिजिटल आधारित विकास पर ध्यान देगा तथा वितरण नेटवर्क को और मजबूत करते हुए संतुलित और जोखिम-समायोजित विकास सुनिश्चित करेगा।बैंक अपनी परिसंपत्ति संरचना को अधिक विविध बनाने पर भी काम कर रहा है, जिसमें खुदरा पोर्टफोलियो के विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही, डिजिटल तकनीकों को अपनाकर कार्यक्षमता, उत्पादकता और ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना बैंक की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।









