नई दिल्ली: ईरान के रक्षा मंत्रालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका अब दूसरे देशों पर अपने फैसले थोपने की स्थिति में नहीं है। रक्षा प्रवक्ता रेजा तलाएई-निक ने साफ किया कि ईरान ट्रम्प प्रशासन के किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। यह बयान तब आया है जब ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को एक नया तीन-चरणीय प्रस्ताव भेजा है।ईरानी प्रस्ताव के अनुसार, पहले अमेरिका-इजरायल के साथ युद्ध पूरी तरह समाप्त हो, फिर समुद्री नाकाबंदी हटाई जाए और अंत में परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर बातचीत हो। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस प्रस्ताव को दो टूक खारिज कर दिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प सरकार का मानना है कि परमाणु मुद्दे को सुलझाए बिना होर्मुज खोलना कूटनीतिक रूप से अमेरिका को कमजोर कर देगा।इस बीच, अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी का असर ईरान के तेल क्षेत्र पर दिखने लगा है। डेटा फर्म ‘कपलर’ के अनुसार, ईरान के पास अब केवल २२ दिनों का तेल भंडारण (स्टोरेज) शेष बचा है। यदि जल्द ही निर्यात शुरू नहीं हुआ, तो ईरान को अपने तेल कुओं से उत्पादन बंद करना पड़ सकता है, जिसका उसकी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर होगा।










