वैश्विक मंच पर भारत का उदय और प्रवासी शक्ति: इजरायली विशेषज्ञ का विश्लेषण

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तेल अवीव: ​अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत का तीव्र आर्थिक विकास और बढ़ता भू-राजनीतिक प्रभाव अब केवल एक अनुमान नहीं, बल्कि एक ठोस वास्तविकता बन चुका है। विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) जैसे संस्थानों के आंकड़े पुष्टि करते हैं कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। इजरायली विशेषज्ञ एलीजर अब्राहम के अनुसार, भारत आज ‘ग्लोबल साउथ’ की एक ऐसी केंद्रीय आवाज बन गया है, जो पश्चिम के विकसित देशों और विकासशील देशों के बीच एक मजबूत सेतु (पुल) का काम कर रहा है।
​भारत की इस बढ़ती ताकत के पीछे उसके लगभग ३.५ करोड़ प्रवासी भारतीयों का बहुत बड़ा हाथ है। सिलिकॉन वैली के बोर्डरूम से लेकर खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था तक, भारतीय पेशेवर हर जगह अपनी निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। यह प्रवासी समुदाय केवल आर्थिक योगदान ही नहीं देता, बल्कि उन देशों की राजनीति और नवाचार को भी गहराई से प्रभावित करता है। भारत का यह प्रभाव अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी दीपावली और होली जैसे त्योहार अब वैश्विक स्तर पर मनाए जा रहे हैं।
​विशेषज्ञों का मानना है कि इजरायल के लिए भारत के साथ सहयोग करना अब रणनीतिक रूप से अनिवार्य है। इजरायल की साइबर सुरक्षा और एआई विशेषज्ञता को यदि भारत के विशाल डिजिटल बुनियादी ढांचे के साथ जोड़ दिया जाए, तो यह वैश्विक स्तर पर एक नई क्रांति ला सकता है। अतः इजरायल को भारत के इस उदय और प्रवासी समुदाय के महत्व को गंभीरता से लेते हुए अपने संबंधों को और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता है।

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