नई दिल्ली: डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम के पेमेंट्स बैंक का बैंकिंग लाइसेंस भारतीय रिज़र्व बैंक ने रद्द कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि यह निर्णय ग्राहकों की सुरक्षा और बैंकिंग लाइसेंस से जुड़ी विभिन्न शर्तों का पालन न किए जाने के कारण लिया गया है।भारतीय रिज़र्व बैंक के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक जिस तरीके से अपना कारोबार चला रहा था, वह ग्राहकों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। साथ ही बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद जिन नियमों और शर्तों का पालन अनिवार्य था, उनका ठीक से पालन नहीं किया गया।वर्ष २०१५ में पेटीएम पेमेंट्स बैंक को सीमित बैंकिंग सेवाओं के लिए अनुमति दी गई थी। इसमें छोटे स्तर पर जमा स्वीकार करने की सुविधा थी, लेकिन ऋण देने की अनुमति नहीं थी।बाद में वर्ष २०२२ में भारतीय रिज़र्व बैंक ने निर्देश दिया था कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक नए ग्राहकों को शामिल नहीं कर सकता। वर्ष २०२४ में और सख्त आदेश जारी करते हुए कहा गया कि बैंक में नई जमा स्वीकार नहीं की जाएगी। हालांकि पहले से मौजूद ग्राहक अपने पैसे निकाल सकते थे और डिजिटल लेनदेन सेवाएँ सामान्य रूप से जारी रखने की अनुमति दी गई थी।बार-बार नियमों के उल्लंघन के आरोपों के बाद यह अंतिम निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही लंबे समय से चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है।











