२,५०० साल बाद अपनी जड़ों की ओर लौटे ‘बनी मेनाशे’, मणिपुर के यहूदियों का पहला जत्था इजरायल पहुंचा

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​तेल अवीव: भारत के मणिपुर और मिजोरम में रह रहे ‘बनी मेनाशे’ समुदाय के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक रहा। इजरायल सरकार के ‘ऑपरेशन विंग्स ऑफ डॉन’ के तहत २५० यहूदियों का पहला जत्था दिल्ली के रास्ते इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पहुंचा। बाइबल में ‘खोई हुई जनजाति’ (लस्ट ट्राइब) के रूप में वर्णित इस समुदाय के सदस्यों का अपनी पैतृक भूमि से यह मिलन करीब ढाई हजार साल बाद हुआ है।
​इजरायल के इमिग्रेशन मंत्री ओफिर सोफर ने एयरपोर्ट पर प्रवासियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम इतिहास रच रहे हैं। बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने भारत में मौजूद इस समुदाय के कुल ४,६०० सदस्यों को इजरायल वापस लाने की योजना बनाई है, जिसके तहत साल २०३० तक हर साल १,२०० लोगों को एयरलिफ्ट किया जाएगा। पिछले २० वर्षों में करीब ५,००० बनी मेनाशे पहले ही इजरायल जा चुके हैं। मान्यता है कि ७२२ ईसा पूर्व में असीरियाई साम्राज्य से हार के बाद यह समुदाय फारस, तिब्बत और चीन होते हुए भारत के पूर्वोत्तर में बस गया था। अब इजरायल सरकार उन्हें अपनी नागरिकता देकर वापस अपनी मुख्यधारा से जोड़ रही है।

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