ईरान-अमेरिका सैन्य टकराव से इस्लामाबाद वार्ता संकट मे, ओमान की खाड़ी में ड्रोन हमला​​

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नई दिल्ली: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता की तैयारियों के बीच ओमान की खाड़ी में ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ ने जानकारी दी है कि ईरान ने ओमान की खाड़ी में तैनात अमेरिकी सैन्य पोतों को निशाना बनाते हुए ड्रोन से जवाबी हमला किया है। यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरान का झंडा लगे एक मालवाहक जहाज (कार्गो शिप) को कब्जे में लेने के विरोध में की गई है। हालांकि, ईरान द्वारा किए गए इन ड्रोन हमलों से फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है, लेकिन इस घटना ने पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति पैदा कर दी है।​तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने अपनी नौसैनिक नाकाबंदी के तहत खाड़ी में एक ईरानी मालवाहक जहाज को रोक लिया है। अमेरिका की इस कार्रवाई पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान की सबसे बड़ी सैन्य इकाई ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स’ ने अमेरिकी नौसेना के इस कदम को युद्धविराम का उल्लंघन और “हथियारबंद लूट” करार दिया है। ईरानी सैन्य कमांड ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह अमेरिकी नौसेना की इस आक्रामकता का करारा जवाब देगा, जिसके बाद ड्रोन हमले की खबर सामने आई।​इस ताजा सैन्य झड़प ने इस्लामाबाद में होने वाली प्रस्तावित वार्ता पर संशय पैदा कर दिया है। एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए थे कि उनके प्रतिनिधि ईरान से बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ समुद्र में सैन्य कार्रवाई ने कूटनीतिक रास्तों को मुश्किल बना दिया है। होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय झंडे वाले जहाजों पर हुई गोलीबारी और अमेरिकी नाकाबंदी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों ने तुरंत संयम नहीं बरता, तो यह छिटपुट सैन्य झड़प एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में तब्दील हो सकती है।

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