नई दिल्ली: विश्वव्यापी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का नया दौर सोमवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होने जा रहा है। दो सप्ताह लंबे युद्धविराम की समयसीमा समाप्त होने से ठीक पहले कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि वार्ता की मेज पर बैठने वाले हैं।
मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के निमंत्रण पर दोनों देशों के उच्च अधिकारी रविवार तक इस्लामाबाद पहुंचेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता के प्रति सकारात्मक संकेत देते हुए दावा किया है कि दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि, ईरानी पक्ष ने कुछ गंभीर मुद्दों पर अभी भी सहमति बनना बाकी बताते हुए ट्रंप के दावे पर संदेह व्यक्त किया है।
वार्ता का मुख्य केंद्र बिंदु दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ के गतिरोध को समाप्त करना है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने अपनी नौसैनिक घेराबंदी नहीं हटाई, तो वह इस मार्ग को फिर से बंद कर सकता है। इसके साथ ही लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी 10 दिवसीय युद्धविराम का प्रभाव भी इस वार्ता में दिखने का विश्लेषण किया जा रहा है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचती है, तो मध्य पूर्व में फिर से सैन्य मुठभेड़ शुरू होने और वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने का जोखिम है।










