वॉशिंगटन: डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को दावा किया कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के भंडार को सौंपने के लिए सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछले छह हफ्तों से जारी दोनों देशों के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए शांति समझौता “बहुत करीब” पहुंच चुका है।
व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा, “उन्होंने हमें परमाणु सामग्री वापस देने पर सहमति जताई है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान आने वाले कई दशकों तक परमाणु हथियार विकसित न करने का वादा कर चुका है।
हालांकि, ईरान ने अभी तक ट्रंप के इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। ईरान पहले ही अपने यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को “अटल” बता चुका है।
यह घटनाक्रम वर्ष २०२६ में अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष के बाद सामने आया है, जिसमें इज़राइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। फिलहाल दो हफ्तों से युद्धविराम लागू है।
दोनों पक्षों के बीच बातचीत पाकिस्तान में हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका। ट्रंप ने संकेत दिया है कि दूसरे दौर की वार्ता इस्लामाबाद में हो सकती है और वहीं संभावित शांति समझौते पर हस्ताक्षर भी किए जा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर उन्होंने खुद वहां जाने की बात भी कही है।
विश्लेषकों के अनुसार, यदि यह समझौता लागू होता है, तो मध्य पूर्व में यह एक बड़ी कूटनीतिक सफलता होगी। हालांकि, ईरान की चुप्पी के कारण अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।








