कोलकाता: विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर मणिपाल हॉस्पिटल्स कोलकाता ने अपनी ऑन्कोलॉजी सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया है। इस अवसर पर औपचारिक रूप से मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर का उद्घाटन किया गया, जिसमें अत्याधुनिक क्लिनिकल हेमाटोलॉजी, हेमाटो-ऑन्कोलॉजी तथा बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट शामिल हैं। साथ ही, कैंसर की रोकथाम और प्रारंभिक पहचान को प्राथमिकता देते हुए मणिपाल फाउंडेशन की पहल तथा कोलकाता म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के सहयोग से ‘कवच’ नामक एक कम्युनिटी हेल्थ स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू किया गया।
मणिपाल हॉस्पिटल, ईएम बाइपास में आयोजित इस कार्यक्रम में कोलकाता म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के माननीय मेयर श्री फिरहाद हाकिम, प्रमुख सचिव (स्वास्थ्य) श्री नारायण स्वरूप निगम, आईएएस, केएमसी (वार्ड १०९) की काउंसलर श्रीमती अनन्या बंद्योपाध्याय, मणिपाल फाउंडेशन के सीईओ श्री हरिनारायण शर्मा, मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर एवं ऑन्को रोबोटिक सर्जरी, नॉर्थ-वेस्ट क्लस्टर के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र कुमार दाबास, मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड के चीफ ऑफ मेडिकल सर्विसेज डॉ. मुरली श्रीनिवासन, ईस्ट रीजन के रीजनल डायरेक्टर डॉ. अयानभ देवगुप्ता, मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर (मुकुंदपुर, साल्टलेक और सिलीगुड़ी क्लस्टर) के डायरेक्टर डॉ. सौरभ दत्त तथा मुकुंदपुर क्लस्टर के क्लस्टर डायरेक्टर श्री कमल दाशोरा उपस्थित थे।
नए कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर की शुरुआत से पूर्वी भारत की ऑन्कोलॉजी अवसंरचना में मौजूद एक महत्वपूर्ण कमी की पूर्ति होने की उम्मीद है। इस क्षेत्र में कैंसर का प्रकोप बढ़ रहा है, जिसके साथ देर से रोग की पहचान और समन्वित उपचार सेवाओं की सीमित उपलब्धता जैसी चुनौतियाँ भी जुड़ी हुई हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) तथा क्षेत्रीय कैंसर रजिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर-पूर्व भारत मिलकर देश के कैंसर रोगियों का एक बड़ा हिस्सा बनाते हैं। विशेष रूप से सिर-गर्दन, पाचन तंत्र, स्तन तथा रक्त-संबंधी कैंसर की घटनाएँ यहाँ अधिक हैं। लगभग ६० प्रतिशत कैंसर रोगियों की पहचान रोग के उन्नत चरण में होती है, जिससे उपचार जटिल हो जाता है और परिणाम अपेक्षाकृत कम आशाजनक रहते हैं।
इस केंद्र को एक ही छत के नीचे रोकथाम, स्क्रीनिंग, प्रारंभिक पहचान, मेडिकल एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, हेमाटोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, सहायक उपचार तथा सर्वाइवरशिप सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से, एक समन्वित मल्टी-डिसिप्लिनरी मॉडल के आधार पर विकसित किया गया है।
ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और मल्टीपल मायलोमा जैसे हेमाटो-ऑन्कोलॉजिक रोग भारत में कुल कैंसर मामलों का लगभग ७–८ प्रतिशत हिस्सा हैं। आईसीएमआर के अनुसार, देश में हर वर्ष एक लाख से अधिक नए रक्त-संबंधी कैंसर रोगियों की पहचान होती है। ऐसे कई रोगों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक संभावित उपचारात्मक विकल्प है, लेकिन बड़े शहरों के बाहर इसकी उपलब्धता अभी भी सीमित है। इंडियन सोसाइटी ऑफ ब्लड एंड मैरो ट्रांसप्लांटेशन के अनुसार, अब तक देश में २५,००० से अधिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट किए जा चुके हैं, लेकिन वार्षिक रूप से ३,००० से भी कम ट्रांसप्लांट हो पाते हैं, जो वास्तविक आवश्यकता की तुलना में बहुत कम है। इस संदर्भ में प्रो. (डॉ.) राजीव दे के नेतृत्व में मणिपाल हॉस्पिटल्स कोलकाता का बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट पूर्वी भारत के रोगियों के लिए विशेषज्ञ और जीवनरक्षक उपचार की पहुँच को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाएगा।
इस अवसर पर मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर (मुकुंदपुर, साल्टलेक एवं सिलीगुड़ी क्लस्टर) के डायरेक्टर डॉ. सौरभ दत्त ने कहा,“मणिपाल कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर केयर सेंटर की शुरुआत पूर्वी भारत की ऑन्कोलॉजी केयर प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। अनुभवी और समर्पित ऑन्कोलॉजिस्टों की टीम के साथ हम रोकथाम, जागरूकता, प्रारंभिक पहचान, उन्नत डायग्नोस्टिक्स, मेडिकल एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन थेरेपी, हेमाटोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट—सम्पूर्ण कैंसर उपचार को एक समन्वित ढांचे में ला रहे हैं। हेमाटोलॉजिक कैंसर के सही रूप से चयनित रोगियों में बोन मैरो ट्रांसप्लांट के माध्यम से लगभग ६०–८० प्रतिशत दीर्घकालिक जीवन-दर संभव होती है। ऐसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएँ घर के पास उपलब्ध होने से रोगियों और उनके परिवारों का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक बोझ काफी हद तक कम होता है, साथ ही निदान से लेकर उपचार और सर्वाइवरशिप तक निरंतर देखभाल सुनिश्चित की जा सकती है।”
उन्नत क्लिनिकल सेवाओं के साथ-साथ ‘कवच’ कम्युनिटी हेल्थ स्क्रीनिंग कार्यक्रम कैंसर के प्रति जागरूकता, प्रारंभिक चरण में रोग की पहचान तथा रोकथामात्मक स्क्रीनिंग के महत्व को विशेष रूप से समाज के पिछड़े और सेवा-वंचित वर्गों के बीच उजागर कर रहा है। इन पहलों के माध्यम से मणिपाल हॉस्पिटल्स कोलकाता ने कैंसर उपचार में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ समाज से सक्रिय रूप से जुड़ते हुए रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और समन्वित, रोगी-केंद्रित उपचार के जरिए कैंसर के बोझ को कम करने की अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया है।










