नई दिल्ली: भारतीय इतिहास में ८ अप्रैल का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है। इस दिन स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं हुईं, जिन्होंने देश की दिशा बदल दी।
साल १८५७ में क्रांति के अग्रदूत को अंग्रेजों के खिलाफ बगावत के कारण फांसी दी गई थी। उन्होंने बैरकपुर में ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह कर आजादी की चिंगारी को हवा दी थी।
वहीं १९२९ में क्रांतिकारी और ने सेंट्रल असेंबली में बम फेंककर ब्रिटिश हुकूमत को खुली चुनौती दी थी। इस घटना का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि अंग्रेजों को चेतावनी देना था।
इसके अलावा १८९४ में ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता का निधन हुआ था। १९५० में भारत और पाकिस्तान के बीच संपन्न हुआ।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यह दिन महत्वपूर्ण रहा है। १९७३ में महान चित्रकार का निधन हुआ, जबकि २०१३ में ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री का देहांत हुआ।
हाल के वर्षों में भी यह दिन चर्चाओं में रहा—२०२३ में भारत की राष्ट्रपति ने सुखोई-३० एमकेआई में उड़ान भरी, जबकि २०२४ में मालदीव की मंत्री विवादों में रहीं।









