कोलकाता: हाई कोर्ट ने जस्टिस जय सेनगुप्त के नेतृत्व में एक मामले का तेजी से ट्रायल पूरा करने का आदेश दिया है। यह मामला ३६ साल पुराना है और १९८७ में दिनहाटा थाना में आईपीसी की धारा ३९२ समेत अन्य धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। चार्जशीट १९९० में दाखिल की गई थी।
एडवोकेट घनश्याम पांडे ने बताया कि अनिल चंद्र बर्मन ने इस पीटिशन को दायर किया था। न्यायिक प्रक्रिया की धीमी गति के कारण पीटिशनर को सेवानिवृत्त होने के बावजूद पेंशन नहीं मिल रही है। जस्टिस सेनगुप्त ने कहा कि इसका खामियाजा पीटिशनर क्यों भुगते।
२०१९ में हाई कोर्ट के एक बेंच ने इस मामले को सेशन कोर्ट को सौंपने का आदेश दिया था, लेकिन किसी बहाने से इसे अब तक नहीं सौंपा गया। कुछ अभियुक्त अभी भी फरार हैं।
जस्टिस सेनगुप्त ने आदेश दिया कि ट्रायल कोर्ट छह सप्ताह के भीतर यह मामला सेशन कोर्ट को सौंपे। आवश्यक होने पर पीटिशनर के खिलाफ मामले को अलग किया जा सकता है। इसके बाद सेशन कोर्ट यथाशीघ्र ट्रायल पूरा करे और बिलावजह कोई एडजर्नमेंट न दिया जाए।
राज्य सरकार के एडवोकेट ने भी कहा कि न्याय के हित में इसका ट्रायल तेजी से पूरा होना चाहिए। जस्टिस सेनगुप्त ने इसे बेहद दुर्भाग्यजनक करार दिया।










