नई दिल्ली: इतिहास का हर दिन अपने साथ कुछ ऐसी कहानियां लेकर आता है जो समय के साथ और भी अहम हो जाती हैं। २२ फरवरी भी ऐसा ही एक दिन है, जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सत्ता, समाज, विज्ञान, संघर्ष और संस्कृति से जुड़ी घटनाओं ने आने वाली पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया। यह तारीख कभी युद्ध और विद्रोह की गवाह बनी, तो कभी आजादी, खोज और महान व्यक्तित्वों के जन्म की। आइए जानते हैं २२ फरवरी का दिन किन किन ऐतिहासित घटनाओं का गवाह बना है।
सत्ता और युद्ध से बदली दुनिया की तस्वीर~
साल १४९५ में फ्रांस के राजा चार्ल्स अष्टम की सेना ने इटली के नेपल्स में प्रवेश किया। यह घटना यूरोप में चल रहे सत्ता संघर्षों का अहम हिस्सा थी। इसके बाद १७४६ में फ्रांसीसी सेनाओं ने ब्रसेल्स पर कब्जा कर लिया, जिससे उस समय के यूरोपीय राजनीतिक संतुलन पर असर पड़ा।
१७७५ में पोलैंड की राजधानी वारसा के बाहरी इलाकों से यहूदियों को निकालने की घटना सामाजिक असहिष्णुता का एक उदाहरण बनी। वहीं १७८४ में अमेरिका ने चीन के साथ व्यापार शुरू करने के लिए अपना पहला जहाज न्यूयॉर्क से रवाना किया, जिसने वैश्विक व्यापार के नए रास्ते खोले।
एक महान नेता का जन्म~
२२ फरवरी १७३२ को अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन का जन्म हुआ। उन्हें आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्था के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता है। उनकी नेतृत्व क्षमता ने अमेरिका को एक मजबूत राष्ट्र बनाने की नींव रखी।
भारत और औपनिवेशिक दौर की झलक~
१८४५ में ईस्ट इंडिया कंपनी ने डच ईस्ट इंडिया कंपनी से सेरामपोर और बालासोर को खरीद लिया। यह भारत में औपनिवेशिक प्रभाव के विस्तार का हिस्सा था। १८४७ में भारत के स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती योद्धाओं में गिने जाने वाले नरसिम्हा रेड्डी का निधन हुआ, जिन्होंने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ आवाज उठाई थी।
तकनीक और प्रशासन में बदलाव~
१९०७ में लंदन की सड़कों पर टैक्सी मीटर वाली पहली कैब चली। यह आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। १९३५ में व्हाइट हाउस के ऊपर से विमानों की उड़ान पर प्रतिबंध लगाया गया, जो सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाया गया एक बड़ा कदम था।
स्वतंत्रता आंदोलनों और राजनीतिक उथल-पुथल का दौर~
द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान १९४२ में फिलीपींस में स्थानीय जनजातियों ने जापानी सैनिकों का मुकाबला किया। १९४४ में कस्तूरबा गांधी का निधन हुआ, जिन्हें पूरे देश में प्यार से “बा” कहा जाता था। उन्होंने महात्मा गांधी के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। १९६४ में घाना में एकदलीय शासन लागू हुआ, जबकि १९६६ में युगांडा के प्रधानमंत्री मिल्टन ओबोटे ने अपने ही मंत्रियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया, जिससे राजनीतिक संकट गहरा गया।
नए राष्ट्र, नई पहचान~
१९७४ में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को आधिकारिक मान्यता दी। १९७९ में कैरेबियाई द्वीप सेंट लूसिया ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता हासिल की और एक संप्रभु राष्ट्र बना। यह उपनिवेशवाद के अंत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था।
विज्ञान, खेल और वैश्विक घटनाएं~
१९९६ में जर्मनी के वैज्ञानिकों ने ११२ वें रासायनिक तत्व की खोज की, जो विज्ञान जगत की बड़ी उपलब्धि थी। १९९८ में जापान के नागानो शहर में शीतकालीन ओलंपिक खेलों का समापन हुआ, जिसने खेलों के वैश्विक महत्व को और बढ़ाया। १९९९ में भारत के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जगदीश भगवती को कोलंबिया विश्वविद्यालय में भारतीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था केंद्र का प्रमुख नियुक्त किया गया, जो भारतीय बौद्धिक योगदान की वैश्विक पहचान का उदाहरण बना।
आपदाएं और मानवीय त्रासदियां~
२००५ में ईरान में आए भूकंप में सैकड़ों लोगों की जान गई। २०११ में न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में ६.३ तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें १८१ लोगों की मौत हुई। इस घटना ने दुनिया को शहरी आपदा प्रबंधन पर फिर सोचने को मजबूर किया।
कला और संस्कृति की दुनिया में क्षति~
२०२३ में प्रसिद्ध भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना, कोरियोग्राफर और शिक्षाविद कनक रेले का निधन हुआ। उन्होंने मोहिनीअट्टम को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया और भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई पीढ़ियों तक पहुंचाया।










