नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को घोषणा की कि आयकर अधिनियम २०२५ को एक अप्रैल से लागू किया जाएगा और इसके नियमों तथा आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म को शीघ्र अधिसूचित किया जाएगा।
लोकसभा में बजट २०२६–२७ प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि नया आयकर अधिनियम छह दशक पुराने कर कानून का स्थान लेगा। बजट में प्रत्यक्ष करों से जुड़े जिन संशोधनों की घोषणा की गई है, उन्हें इसी नए कानून में समाहित किया गया है।
सीतारमण ने कहा, “प्रत्यक्ष कर संहिता को रिकॉर्ड समय में तैयार किया गया है और आयकर अधिनियम, २०२५ एक अप्रैल २०२६ से प्रभावी होगा। सरलीकृत आयकर नियमों और रिटर्न फॉर्म को जल्द अधिसूचित किया जाएगा, ताकि करदाताओं को नई व्यवस्था से परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।”
उन्होंने बताया कि आयकर रिटर्न फॉर्म इस तरह से तैयार किए गए हैं कि सामान्य नागरिक भी बिना किसी कठिनाई के उनका पालन कर सकें। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष २०२५ का आयकर कानून राजस्व तटस्थ है और इसमें कर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
उनके अनुसार, इस नए कानून का उद्देश्य प्रत्यक्ष कर प्रणाली को सरल बनाना, अस्पष्टताओं को दूर करना और अनावश्यक मुकदमों की संभावनाओं को कम करना है।









