१६ फरवरी का इतिहास

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नयाँ दिल्ली: इतिहास की हर तारीख अपने भीतर कई कहानियां समेटे रहती है। १६ फरवरी भी ऐसी ही तारीख है, जो साहित्य, विज्ञान, सिनेमा, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के कारण खास महत्व रखती है। इस दिन कभी महान हस्तियों का जन्म हुआ, तो कभी ऐसी घटनाएं घटीं जिन्होंने दुनिया की दिशा बदल दी।
औपनिवेशिक दौर की बड़ी घटना~
साल १७५९ में दक्षिण भारत के शहर चेन्नई जिसे उस समय मद्रास कहा जाता था, पर फ्रांसीसी कब्जा समाप्त हुआ। यह घटना भारत में यूरोपीय शक्तियों के संघर्ष के इतिहास में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
हिंदी साहित्य को मिला निराला जैसा महान कवि~
१८९६ में हिंदी साहित्य के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म हुआ। निराला छायावाद के प्रमुख स्तंभ थे। उनकी रचनाओं में समाज, संवेदना और विद्रोह की आवाज साफ सुनाई देती है। उन्होंने हिंदी कविता को नई दिशा दी और भाषा को आम जन से जोड़ा।
मिस्र में इतिहास की सबसे चर्चित खोज~
१९२२ में मिस्र में दुनिया की सबसे चर्चित पुरातात्विक खोजों में से एक हुई, जब युवा फराओ तूतनखामेन के मकबरे का द्वार खोला गया। इस खोज ने प्राचीन मिस्री सभ्यता को समझने का नया रास्ता दिया और दुनिया भर में इतिहास के प्रति जिज्ञासा बढ़ा दी।
नायलॉन के आविष्कार ने बदल दी दुनिया~
१९३७ में अमेरिकी वैज्ञानिक वालेस कैरोदर्स को नायलॉन का पेटेंट मिला। शुरुआत में इसका इस्तेमाल टूथब्रश बनाने में हुआ, लेकिन बाद में यही पदार्थ कपड़ों, रस्सियों और कई औद्योगिक उत्पादों का आधार बन गया। यह आधुनिक रासायनिक उद्योग की बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
बांग्ला साहित्य को लगा बड़ा झटका~
१९३८ में प्रसिद्ध साहित्यकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का निधन हुआ। उनकी रचनाएं जैसे देवदास और परिणीता आज भी भारतीय साहित्य की अमूल्य धरोहर मानी जाती हैं।
भारतीय सिनेमा के जनक को खोया~
१९४४ में भारतीय सिनेमा के पितामह कहे जाने वाले दादा साहब फाल्के का निधन हुआ। उनके नाम पर दिया जाने वाला दादा साहब फाल्के पुरस्कार आज भारतीय फिल्म जगत का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
महान वैज्ञानिक मेघनाद साहा की विदाई~
१९५६ में भारत ने अपने महान वैज्ञानिक मेघनाद साहा को खो दिया। उन्होंने साहा आयनीकरण समीकरण दिया, जिसने खगोल भौतिकी को समझने में क्रांतिकारी योगदान दिया।
क्यूबा की राजनीति में बड़ा बदलाव~
१९५९ में क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो ने तानाशाह फुलगेंसियो बतिस्ता की सेनाओं को हराकर क्यूबा की सत्ता अपने हाथों में ली। यह घटना शीत युद्ध के दौर की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं में गिनी जाती है।
टेनिस जगत को मिला जॉन मैकनरो~
इसी दिन १९५९ में महान टेनिस खिलाड़ी जॉन मैकनरो का जन्म हुआ। वे अपने शानदार खेल के साथ साथ कोर्ट पर अपने आक्रामक स्वभाव के लिए भी मशहूर रहे।
मिर्जा गालिब को विशेष सम्मान~
१९६९ में महान उर्दू शायर मिर्जा गालिब की १००वीं पुण्यतिथि पर उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया गया। गालिब की शायरी आज भी अदब की दुनिया में बेमिसाल मानी जाती है।
अंतरराष्ट्रीय संपर्क का नया रास्ता~
१९७१ में पश्चिमी पाकिस्तान और चीन के बीच राजमार्ग को औपचारिक रूप से खोला गया। यह मार्ग दोनों देशों के बीच रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों का प्रतीक बना।
भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा~
१९८७ में भारत ने पनडुब्बी से पनडुब्बी तक मार करने वाली मिसाइल प्रणाली को अपनी नौसेना में शामिल किया। इससे समुद्री सुरक्षा क्षमता और मजबूत हुई।
विमान दुर्घटना ने दुनिया को झकझोरा~
१९९८ में इंडोनेशिया के बाली से उड़ा विमान ताइपे में उतरते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान में सवार सभी १९७ लोगों समेत जमीन पर मौजूद कई लोगों की जान चली गई। यह उस समय की बड़ी विमान त्रासदियों में शामिल रहा।
जूतों का अनोखा संग्रहालय~
२००१ में मनीला में जूतों का एक अनूठा संग्रहालय खोला गया, जहां हजारों तरह के जूतों का संग्रह रखा गया है। यह संग्रहालय आज भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वैश्विक पहल~
२००५ में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौता लागू हुआ, जिसने दुनिया को कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए एकजुट किया। इसे वैश्विक जलवायु नीति की दिशा में अहम कदम माना गया।
पाकिस्तान में दर्दनाक विस्फोट~
२०१३ में पाकिस्तान के हजारा इलाके के एक बाजार में बम धमाका हुआ, जिसमें ८० से अधिक लोगों की मौत और सैकड़ों लोग घायल हुए। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।
संगीत जगत ने खोया अपना चमकता सितारा~
२०२२ में प्रसिद्ध गायक और संगीतकार बप्पी लाहिड़ी का निधन हुआ। उन्होंने भारतीय संगीत में डिस्को शैली को लोकप्रिय बनाया और कई यादगार गीतों से पीढ़ियों को झूमने पर मजबूर किया।

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