मुंबई: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने भारत सहित अपने मित्र देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का ऐलान किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाज अब इस रास्ते से आ-जा सकेंगे।
हालांकि, इसके लिए एक शर्त रखी गई है कि सभी जहाजों को पहले ईरानी अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा। इसका मतलब है कि भारत के जहाजों को इस अहम समुद्री मार्ग से सुरक्षित गुजरने की अनुमति मिलेगी।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इस मार्ग को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई थी। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। इसके बंद होने से भारत जैसे देशों पर ईंधन संकट का खतरा मंडरा रहा था।
इस बीच एंटोनियो गुटेरेस ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस मार्ग में बाधा आने से तेल, गैस और खाद की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और कृषि पर पड़ रहा है।
उन्होंने अमेरिका और इस्राइल से अपील की है कि वे युद्ध को जल्द खत्म करें, वहीं ईरान से भी पड़ोसी देशों पर हमले रोकने को कहा है।
ईरान के इस फैसले से भारत को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा तेल इसी मार्ग से आता है। यदि यह रास्ता बंद रहता, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती थी।
ईरान ने पहले भी स्पष्ट किया था कि गैर-शत्रुतापूर्ण देशों के जहाजों को अनुमति दी जाएगी, लेकिन अब इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और नियंत्रित किया गया है।









