हिंदुजा फाउंडेशन की ‘जल जीवन’ पहल से ५ ट्रिलियन लीटर भूजल रिचार्ज, ६० लाख लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर

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नई दिल्ली: हिंदुजा फाउंडेशन ने विश्व जल lदिवस के अवसर पर घोषणा की कि उसकी प्रमुख जल प्रबंधन पहल ‘जल जीवन’ के माध्यम से भारत में ५ ट्रिलियन लीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हुआ है और १,१७,६२० हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। इस पहल से १६ राज्यों के जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में जल सुरक्षा, कृषि उत्पादकता और ग्रामीण आजीविका में सुधार हुआ है, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिला है।
स्थानीय समुदायों, तकनीकी संगठनों और हिंदुजा समूह की कंपनियों के सहयोग से लागू की जा रही यह पहल जल प्रबंधन के समग्र दृष्टिकोण पर आधारित है। इसमें वॉटरशेड और स्प्रिंगशेड प्रबंधन, वर्षा जल संचयन के माध्यम से घरेलू जल उपलब्धता में सुधार, वाटर एटीएम, जल स्रोतों का पुनर्जीवन, पारंपरिक जल निकायों का पुनरुद्धार और जलवायु-संवेदनशील कृषि को बढ़ावा देना शामिल है। ये सभी प्रयास मिलकर भूजल पुनर्भरण और समुदायों की जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन बढ़ाते हैं।
हिंदुजा फाउंडेशन के सीईओ रमन कल्याणकृष्णन ने कहा, “ग्रामीण भारत में जल सुरक्षा का सीधा संबंध आजीविका से है। ‘जल जीवन’ पहल के माध्यम से हम समुदायों के साथ मिलकर टिकाऊ जल अवसंरचना का निर्माण कर रहे हैं, जो घरेलू जल उपलब्धता बढ़ाने, कृषि को समर्थन देने और जलवायु अनिश्चितताओं के खिलाफ मजबूती प्रदान करने में मदद करती है। हमारा फोकस सामुदायिक भागीदारी पर आधारित दीर्घकालिक और जिम्मेदार जल उपयोग सुनिश्चित करना है।
इस पहल ने जल संकट के बोझ को कम किया है, फसल उत्पादन बढ़ाया है, पशुपालन को बेहतर बनाया है और महिलाओं व परिवारों के लिए पानी लाने में लगने वाले समय में उल्लेखनीय कमी लाई है। साथ ही, जल संरचनाओं के सामुदायिक रखरखाव को बढ़ावा देकर दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की गई है।
‘जल जीवन’ पहल की प्रमुख उपलब्धियां:

  • ६० लाख लोगों को लाभ।
  • १६ राज्यों के ४,००० गांव कवर।
  • २०,००० खुले कुओं का पुनर्जीवन/रिचार्ज।
  • ४,००० रूफटॉप वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित।
  • १२५ झीलों का पुनरुद्धार।
  • ४५० जल स्रोत (स्प्रिंग) पुनर्जीवित।
    इस पहल के तहत गुजरात के कच्छ स्थित ४० एकड़ क्षेत्रफल वाले होली झूलेलाल तीर्थधाम परिसर में एक महत्वपूर्ण परियोजना विकसित की गई है, जहां श्री झूलेलाल मंदिर के आसपास मीठे पानी के जलाशयों का नेटवर्क बनाकर पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित किया गया, समुद्र के बढ़ते स्तर के प्रभाव को कम किया गया और स्थानीय जैव विविधता को समर्थन मिला।
    मुख्य प्रभाव क्षेत्र:
  • तालाब, चेक डैम, रिचार्ज पिट और वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, जिससे ५ ट्रिलियन लीटर से अधिक भूजल रिचार्ज।
  • उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में २६७ जल स्रोतों का पुनर्जीवन, जिससे दीर्घकालिक जल सुरक्षा मजबूत।
  • कृषि और पशुपालन के लिए जल उपलब्धता में सुधार, जिससे उत्पादकता और आय में वृद्धि।
  • स्वच्छता और हाइजीन पहल, जिससे स्वस्थ समुदायों का निर्माण।
    भारत में जलवायु परिवर्तन से जुड़ी जल चुनौतियों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए, हिंदुजा फाउंडेशन सरकार, नागरिक समाज संगठनों और स्थानीय संस्थाओं के साथ साझेदारी के माध्यम से ‘जल जीवन’ पहल का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि टिकाऊ और व्यापक जल समाधान विकसित किए जा सकें।

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