हैदराबाद: वैश्विक रक्षा एवं विमानन कंपनी सैफरान ने कहा कि वह भारत के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए इंजन प्रौद्योगिकी का पूर्ण हस्तांतरण करेगी। इस प्रक्रिया में डीआरडीओ के साथ इंजन सह-विकास पर तकनीकी और वाणिज्यिक चर्चा की जाएगी।
कंपनी के सीईओ ओलिवर एंड्रीस ने कहा कि भारत एकमात्र देश है, जिसके लिए सैफरान पूरी तरह से तकनीक हस्तांतरण का प्रस्ताव दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारतीय वायुसेना राफेल लड़ाकू विमानों के लिए अतिरिक्त ऑर्डर देती है, तो कंपनी भारत में राफेल के इंजन और अन्य महत्वपूर्ण कलपुर्जों के लिए अंतिम असेंबली लाइन स्थापित करेगी।
सैफरान भारत में पिछले ७० वर्षों से सक्रिय है और राफेल विमानों के लिए इंजन, लैंडिंग गियर, इलेक्ट्रिकल व ऑक्सीजन प्रणाली, इजेक्टेबल सीट जैसे महत्वपूर्ण घटक उपलब्ध कराती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश में कहा कि यह नई सुविधा भारत को वैश्विक एमआरओ केंद्र के रूप में स्थापित करेगी और युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगी।
हैदराबाद में राफेल के एम88 इंजन के लिए समर्पित रखरखाव, मरम्मत और देखभाल केंद्र का भूमिपूजन किया गया। यह केंद्र ५,००० वर्ग मीटर में फैला है, ४ करोड़ यूरो से अधिक निवेश पर विकसित हो रहा है और प्रति वर्ष ६०० इंजन मॉड्यूल की सर्विसिंग करेगा, जिससे १५० लोगों को रोजगार मिलेगा।
सैफरान की योजना है कि २०३० तक भारत से इसकी वार्षिक आय तीन अरब यूरो से अधिक हो।










