सिलीगुड़ी: लोकप्रिय नेपाली फोक–रॉक बैंड नेपथ्य के शहर में होने वाले लाइव कॉन्सर्ट की पूर्व संध्या पर सिलगढ़ी आधारित सेलमेंडर इम्प्रिंट्स ने बैंड की चर्चित जीवनी ‘नेपथ्य: लोकप्रिय यात्राको अन्तरङ्ग’ का भारतीय संस्करण २६ फरवरी २०२६ को किताब कैफे, सिलगढ़ी में जारी किया। समारोह में कला, संगीत और साहित्य के क्षेत्र की कई विशिष्ट हस्तियों की गरिमामय उपस्थिति रही।
नेपथ्य के प्रमुख स्वरकार अमृत गुरुङ कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। जीवनीकार गिरिश गिरी द्वारा लिखित इस कृति का औपचारिक विमोचन अमृत गुरुङ, गिरीश गिरी, किरण कृष्ण श्रेष्ठ, आभास, ज्ञानेन्द्र खतिवड़ा, बद्री खरेल और दुर्गा खरेल ने संयुक्त रूप से किया।
नेपथ्य एक प्रतिष्ठित रॉक बैंड है, जिसने मौलिक नेपाली धुनों को समकालीन संगीत अभिव्यक्तियों के साथ संयोजित कर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। इसका संगीत नेपाली भाषा और संस्कृति को जीवंत करता है और शांति तथा सद्भाव का संदेश देता है। नेपाल के संघर्षकाल के दौरान आयोजित पीस म्यूजिक जर्नी के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचे बैंड के गीतों ने समय, परिस्थिति और राष्ट्र की संवेदनशील छवि प्रस्तुत की है। १९८० के दशक से देश-विदेश के मंचों पर लगातार प्रदर्शन कर रहा नेपथ्य का यह प्रेरक सफर इस पुस्तक में सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
नेपाल में व्यापक रूप से पढ़ी गई यह जीवनी केवल बैंड की कहानी नहीं बल्कि सकारात्मक सोच को प्रेरित करने और मानसिक दृढ़ता बढ़ाने वाली प्रेरणादायक कृति के रूप में भी सराही गई है। सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए तैयार की गई इस पुस्तक से जीवन और दुनिया को रचनात्मक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा मिलती है।
अपने संबोधन में नेपथ्य के प्रमुख गायक अमृत गुरुङ ने कहा, “सत्य लिखना आसान नहीं होता। यह पुस्तक हमारी बैंड की वास्तविक कहानियों को साहसपूर्वक सामने लाती है।” उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार नेपाल में इस कृति को व्यापक पाठकवर्ग और स्नेह मिला है, उसी प्रकार भारत में भी इसे सराहना और पाठक समर्थन प्राप्त होगा।
बुक-एंट पब्लिकेशन हाउस के निर्देशक राजा पुनियानी ने कहा, “डा. सोनम बी. वाङ्याल की दार्जीलिंग टू डिस्टेंट डेस्टिनेशंस और शारदा छेत्री की ए लेगेसी ऑफ सरो – ए स्टोरी फ्रॉम डार्जीलिंग के बाद, नेपथ्य: लोकप्रिय यात्राको अन्तरङ्ग सेलमेंडर इम्प्रिंट्स की तीसरी कृति है। इस महत्वपूर्ण बैंड-जीवनी के माध्यम से भारत और नेपाल के बीच साहित्यिक आदान–प्रदान और सुदृढ़ होने की आशा है।” उन्होंने बताया कि पुस्तक बुक-एंट की ई-कॉमर्स वेबसाइट और अमेज़न इंडिया पर उपलब्ध है और शीघ्र ही दार्जीलिंग और सिक्किम के प्रमुख पुस्तक विक्रेताओं के पास भी उपलब्ध होगी।
नेपाल से मूल प्रकाशक के रूप में संबोधित करते हुए पब्लिकेशन नेपालय के प्रकाशन प्रमुख किरण कृष्ण श्रेष्ठ ने कहा, “प्रकाशन पाठक और लेखक के बीच सेतु का कार्य करता है। सेलमेंडर इम्प्रिंट्स के माध्यम से नेपथ्य का प्रकाशन भारत में नए पाठक क्षितिज खोलेगा, ऐसी हमारी आशा है।” उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में सीमाएं धीरे-धीरे कम होती जा रही हैं और विचारों तथा रचनात्मक कृतियों का आदान–प्रदान समय की आवश्यकता है।
लेखक गिरिश गिरी ने कला और साहित्य की समृद्ध भूमि के रूप में प्रसिद्ध दार्जीलिंग में अपनी कृति प्रकाशित होने पर हर्ष व्यक्त किया और पुस्तक लेखन के दौरान नेपथ्य के साथ अपने अनुभव साझा किए।
कवि–संगीतकार आभास ने कहा कि बच्चों और युवाओं के बीच मातृभाषा में पढ़ाई की आदत विकसित करना आवश्यक है, इससे वे अपनी जड़ों और पहचान से जुड़े रहेंगे। कवि–समालोचक ज्ञानेन्द्र खतिवड़ा ने भारत में नेपथ्य के प्रकाशन पर खुशी व्यक्त की और कहा कि दार्जीलिंग क्षेत्र में बढ़ती प्रकाशन गतिविधियों से सकारात्मक सांस्कृतिक वातावरण बन रहा है।

औपचारिक विमोचन के बाद पाठक उत्साहपूर्वक अपनी-अपनी प्रतियों पर अमृत गुरुङ के हस्ताक्षर लेने के लिए कतारबद्ध हुए।
कार्यक्रम में लोकप्रिय लोकगायक जोड़ी बद्री–दुर्गा खरेल, विख्यात इतिहासकार डा. सोनम बी. वाङ्याल, प्रसिद्ध गीतकार पुरण गिरी, संगीतकार दिवस गुरुङ, रमेश गुरुङ, कलाकार नीलामणि थापा, गायक–संगीतकार पूजन लोहागण, रंगकर्मी ललित गोले, जीवन गुरुङ, गायक सान्निध्य थापा, रंगकर्मी–कवि राजु प्रधान हिमांशु, गायिका जुनु गौतम, कंटेंट क्रिएटर–गायक अनिर तामाङ, लेखिका–पत्रकार अनुराधा शर्मा, कवि–समालोचक वासुदेव थापा पुलामी, फिल्मकर्मी विनोद विष्ट, विवेक राई सहित विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट हस्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का संचालन कवि–गायक–संगीतकार और स्टूडियो साउंडट्रैक के मालिक समीर शर्मा ने किया।









