सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी विनियमन २०२६ पर रोक लगाई, नए नियमों की समीक्षा करने का दिया निर्देश

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कोलकाता: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) की ओर से जारी किये गये नये नियमों को फिलहाल लागू करने से रोक दिया है। कोर्ट ने केंद्र से गाइडलाइंस का मसौदा दोबारा तैयार करने के लिए कहा और नियमों को ज्यादा पारदर्शी और सहज बनाने के लिए कहा है। इधर, यूजीसी के नये नियमों पर देशभर में बहस छिड़ गयी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्यपाल से लेकर बंगाल के शिक्षा मंत्री की प्रतिक्रिया आयी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन २०२६ पर रोक लगाने के बाद बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को ऐसा करने का पूरा अधिकार है। एक बार सुप्रीम कोर्ट इस पर अपना फैसला सुना दे, तो सभी को उसका पालन करना होगा। देखते हैं आगे क्या होता है।
शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर केंद्र सरकार के थोपे गए रवैये पर रोक लगा दी है! कोर्ट ने यूजीसी रेगुलेशन २०२६ पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। अदालत के अनुसार, ये नियम बहुत व्यापक हैं और गहन समीक्षा की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने बार-बार कहा है कि ऐसे नियम लागू करने से पहले राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा आवश्यक है। उनका यह कथन एक बार फिर सत्य सिद्ध हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने यूजीसी रेगुलेशन २०२६ पर सुप्रीम कोर्ट की रोक का स्वागत किया और कहा कि यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट का रोक लगाना सही और जरूरी कदम है। उन्होंने कहा, यूजीसी की गाइडलाइन असंवैधानिक थी।

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