कोलकाता: राज्य के भारतीय चुनाव आयोग के सीईओ कार्यालय के सामने बुधवार सुबह से ही एक बार फिर तनाव का माहौल देखा गया। आज सुबह से सर्व भारतीय तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थकों ने कार्यालय के सामने धरना और प्रदर्शन शुरू किया। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए भारी संख्या में केंद्रीय बल और पुलिस बल तैनात किए गए तथा पूरे क्षेत्र को बैरिकेड कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार देर रात भी तृणमूल के कार्यकर्ता और समर्थक सीईओ कार्यालय के सामने एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन और धरना दे रहे थे। इस घटना को लेकर आयोग की ओर से कड़ा संदेश देते हुए कहा गया कि “इस प्रकार की असामाजिक गतिविधियों को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंगलवार रात की घटना के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बाद में प्रदर्शनकारी कुछ दूरी पर हट गए। साथ ही आयोग ने सामाजिक माध्यम पर स्पष्ट किया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष विधानसभा चुनाव सुनिश्चित करने के लिए किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को सहन नहीं किया जाएगा।
इसके बावजूद बुधवार सुबह से फिर तृणमूल के कार्यकर्ता और समर्थक सीईओ कार्यालय के बाहर जुटकर धरना देने लगे, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
दूसरी ओर, मंगलवार रात सीईओ मनोज अग्रवाल और कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय कुमार नंदा के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई। इसके बाद पुलिस आयुक्त ने संबंधित थाने के अधिकारियों के साथ भी चर्चा की।
उल्लेखनीय है कि एक व्यक्ति बैग भरकर प्रपत्र ६ लेकर चुनाव कार्यालय में प्रवेश किया—ऐसा आरोप तृणमूल ने लगाया है। बड़ी संख्या में प्रपत्र जमा करने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस घटना को लेकर मंगलवार को सीईओ कार्यालय के सामने तृणमूल और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। अंततः पुलिस और केंद्रीय बलों ने हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित किया।










