सिलीगुड़ी: वोटर लिस्ट में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता खिलाड़ी ऋचा घोष का नाम ‘विचाराधीन’ सूची में होने का मामला सामने आया है। सिर्फ ऋचा ही नहीं, उनकी दीदी सोमश्री घोष का नाम भी विचाराधीन सूची में शामिल बताया जा रहा है। मामला सामने आते ही चुनाव आयोग की भूमिका पर वाम दलों से लेकर सत्तारूढ़ दल तक सवाल उठने लगे है।
ऋचा के पिता मानवेन्द्र घोष ने बताया कि ऋचा साल का अधिकांश समय राज्य या देश से बाहर क्रिकेट के सिलसिले में रहती है। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनके नाम पर सुनवाई का नोटिस जारी हुआ था। वार्ड के बीएलओ ने आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन जमा किए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद भी ऋचा और उनकी दीदी का नाम विचाराधीन बना हुआ है।
रविवार सुबह १९ नंबर वार्ड की वाम पार्षद मौसमी हाजरा ऋचा के घर पहुंची और चुनाव आयोग के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह शर्मनाक है कि जिसने देश का नाम रोशन किया, उसका नाम ही वोटर सूची में विचाराधीन है। अगर ऐसी स्थिति एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की है तो आम लोगों की स्थिति क्या होगी। उन्होंने सोमवार को एसडीओ कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने की चेतावनी दी।
वहीं, सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने भी चुनाव आयोग पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऋचा सिर्फ सिलीगुड़ी ही नहीं, पूरे भारत का गौरव है। यह चुनाव आयोग की लापरवाही का उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। इस पूरे मामले की जानकारी पार्टी नेतृत्व को दे दी गई है।










