सिक्किम विधानसभा ने १२ समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया, एसकेएम ने किया स्वागत

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गंगटोक: सिक्किम विधानसभा के शुक्रवार को आयोजित सत्र में सरकारी निर्णय संख्या १/२०२५ पारित करते हुए लंबे समय से जनजाति मान्यता से वंचित १२ समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। सत्तारूढ़ सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (एसकेएम) पार्टी ने इस निर्णय का हार्दिक स्वागत किया है।
एसकेएम के प्रचार–प्रसार उपाध्यक्ष प्रभारी विकास बस्नेत ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री प्रेमसिंह तामाङ के नेतृत्व में सिक्किम समावेशी विकास, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों के प्रति समान दृष्टिकोण अपनाकर जनता के हितों को प्राथमिकता देने वाली सरकार के रूप में एसकेएम सरकार ने स्वयं को पुनः सिद्ध किया है।
बस्नेत ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने इस संवेदनशील विषय को केवल भाषणों और आश्वासनों तक सीमित रखा, जबकि वर्तमान सरकार ने निरंतर, जिम्मेदार और साहसिक पहल करते हुए इसे निष्कर्ष तक पहुँचाया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री तामाङ को बधाई दी।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि विधानसभा सत्र ने सिक्किम राज्य उच्चस्तरीय समिति द्वारा तैयार अंतिम प्रतिवेदन को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया है। इस प्रतिवेदन में वर्षों से उठ रही मांग के अनुरूप सिक्किम के वंचित १२ समुदायों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने की सिफारिश केंद्र सरकार से की गई है।
मुख्यमंत्री प्रेमसिंह तामाङ ने इस निर्णय को अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक बताते हुए कहा है कि इससे जनजाति मान्यता से वंचित समुदायों के अधिकार, पहचान और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार सभी समुदायों को समान अधिकार दिलाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
एसकेएम के अनुसार, प्रतिवेदन के अनुमोदन के साथ ही राज्य सरकार इसे औपचारिक रूप से केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी कर रही है। इस प्रक्रिया में योगदान देने वाले विशेषज्ञों, विभिन्न संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों के प्रति पार्टी ने आभार व्यक्त किया है।

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