बर्लिन: फ़ॉर्मूला-१ के महानतम ड्राइवरों में शामिल माइकल शूमाकर के जीवन में १२ साल बाद एक ऐसा मोड़ आया है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। सात बार के वर्ल्ड चैंपियन शूमाकर अब पूरी तरह बिस्तर पर आश्रित नहीं हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अब व्हीलचेयर की मदद से अपने घर के भीतर घूमने-फिरने में सक्षम हैं। लंबे समय तक केवल मेडिकल रूम तक सीमित रहने के बाद उनकी रिकवरी में यह बदलाव डॉक्टरों, परिवार और दुनियाभर के प्रशंसकों के लिए बड़ी राहत की बात है।
२०१३ की स्कीइंग दुर्घटना के बाद से शूमाकर की हालत को हमेशा गोपनीय रखा गया था। उनके इलाज और मानसिक शांति पर असर न पड़े, इसलिए शूमाकर परिवार ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शूमाकर अब सीधे बैठ सकते हैं और सीमित रूप से आंखों की प्रतिक्रियाओं के माध्यम से अपने आसपास की चीज़ों को समझ पाते हैं। ब्रिटिश टैबलॉयड द डेली मेल ने उनकी संज्ञानात्मक जागरूकता में कुछ सुधार होने का दावा भी किया है। हालांकि उनका संचार अब भी बेहद सीमित है, लेकिन वह आसपास की गतिविधियों को आंशिक रूप से समझ सकते हैं।
शूमाकर की इस रिकवरी यात्रा में उनकी पत्नी कोरिना शूमाकर की भूमिका सबसे मजबूत सहारा बनी रही है। उन्होंने स्विट्ज़रलैंड और स्पेन स्थित घरों में विश्व-स्तरीय मेडिकल सुविधाएं तैयार कीं, जहां २४ घंटे डॉक्टर, विशेषज्ञ नर्सें, फिज़ियोथेरेपिस्ट और न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ मौजूद रहते हैं। कोरिना ने वर्षों तक मीडिया से दूरी बनाए रखकर शूमाकर की जानकारी और निजता की कड़ी सुरक्षा की है।
गौरतलब है कि २९ दिसंबर २०१३ को फ्रेंच आल्प्स के मेरिबेल में स्कीइंग के दौरान शूमाकर का सिर बर्फ से ढकी एक चट्टान से टकरा गया था। हेलमेट ने उनकी जान तो बचा ली, लेकिन दुर्घटना की गंभीरता के कारण उनकी दो बार आपातकालीन ब्रेन सर्जरी करनी पड़ी और वह करीब २५० दिनों तक कोमा में रहे। उस दिन से लेकर आज तक शूमाकर का जीवन संघर्ष, साहस और परिवार की दृढ़ता की एक मिसाल बन चुका है। उनकी रिकवरी प्रक्रिया सिर्फ चिकित्सकीय ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक भी रही है।










