सांसद विष्ट के साथ ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स के प्रतिनिधियों की मुलाकात

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दार्जिलिंग: दार्जिलिंग लोकसभा सांसद राजू विष्ट ने ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स (ईएफआर) के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और पश्चिम बंगाल में ईएफआर को दरपेश विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। इस संदर्भ में सोशल मीडिया पर सांसद ने उल्लेख किया कि १९०७ में स्थापित ईस्टर्न फ्रंटियर राइफल्स ने राष्ट्र की सेवा में असाधारण सम्मान और गौरव के साथ महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा, इस बल के गौरवशाली इतिहास में प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध, इंडो–चीन युद्ध, १९६५ का भारत–पाकिस्तान युद्ध तथा १९७१ का बांग्लादेश मुक्ति संग्राम शामिल है, जिनमें भारतीय सेना के अभिन्न अंग के रूप में इसकी सराहनीय भूमिका रही है। देश के विभाजन के बाद से उत्तर–पूर्व भारत में उग्रवाद के विरुद्ध अभियान, माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण, सांप्रदायिक अशांति, प्राकृतिक आपदाओं तथा प्रत्येक राष्ट्रीय आपात स्थिति में आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में ईएफआर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
सांसद ने सोशल मीडिया पर आगे लिखा कि इतने समृद्ध और गौरवपूर्ण इतिहास वाले इस बल को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा धीरे–धीरे समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि वर्ष २०१० के बाद से कोई नई भर्ती प्रक्रिया नहीं की गई है, जबकि अब भी २,००० से अधिक राइफलमैन के पद रिक्त पड़े हैं।


सांसद ने आगे कहा, इस ऐतिहासिक बल को आधुनिक बनाने और सशक्त करने के बजाय पश्चिम बंगाल सरकार ने तीन बटालियनों को मिलाकर दो बटालियनों तक सीमित करने का निर्णय लिया है। यह कदम सैनिकों के मनोबल और कार्यक्षमता पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालेगा।

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