दार्जिलिंग: आज दार्जिलिंग लोकसभा सांसद राजू विष्ट ने सोशल मीडिया के माध्यम से कवि नरेंद्रप्रसाद कुमाई की कविता “गोर्खा अम्बरका नव तारा, नेता हमारे अतिशय प्रिय” की एक पंक्ति साझा करते हुए २३ जनवरी के इस पावन अवसर पर भारतीय गोर्खा समाज के महानायक, युगद्रष्टा नेता बाबू डंबर सिंह गुरुङ की जयंती पर उन्हें गहरी श्रद्धा, सम्मान और कोटि-कोटि नमन अर्पित किया।
सोशल मीडिया पर विष्ट ने लिखा, बाबू डंबर सिंह गुरुङ केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि वे गोर्खा समाज को राजनीतिक चेतना का मार्ग दिखाने वाले प्रथम दूरदर्शी थे। निरंकुश ब्रिटिश शासनकाल में ‘अभागोली’ दल की स्थापना के माध्यम से उन्होंने गोर्खा समाज को अधिकार, स्वाभिमान और संगठन के महत्व से परिचित कराया। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में राजनीतिक चेतना के विस्तार में उनका योगदान अद्वितीय रहा।
सांसद विष्ट ने आगे कहा कि “संघ में ही गोर्खा का गौरव निहित है”, इस मूल मंत्र के साथ डंबर सिंह गुरुङ द्वारा दिखाया गया मार्ग आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
विष्ट ने गोर्खा समाज की एकता, पहचान, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य के स्वप्न को साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताया। साथ ही उन्होंने आह्वान किया कि बाबू डंबर सिंह गुरुङ द्वारा दिखाए गए मार्ग पर एकजुट होकर गोर्खा समाज के स्वाभिमान और अधिकारों के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लें।










