श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया द्वारा आयोजित बैठक में सांसद बिष्ट की भागीदारी

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सिलीगुड़ी: दार्जिलिंग लोकसभा सांसद राजू बिष्ट ने आज श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया की पहल पर दार्जिलिंग ज़िले के सिलीगुड़ी में चाय उद्योग और सिंकोना बगान से जुड़े हितधारकों के साथ आयोजित बैठक में भाग लिया।
बिष्ट ने सोशल मीडिया के माध्यम से बताया कि आज की चर्चा में चाय उद्योग और सिंकोना बगानों को पुनर्जीवित एवं मजबूत करने तथा श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए शीघ्र आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता स्पष्ट रूप से सामने आई है।
उन्होंने कहा कि भारत के पहाड़ी क्षेत्रों के प्रथम औद्योगिक क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले इस ऐतिहासिक चाय बेल्ट के श्रमिक दशकों से उपनिवेशकालीन पुरानी श्रम-प्रथाओं के कारण पीड़ा झेल रहे हैं। बिष्ट ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, पैतृक भूमि पर पारजा-पट्टा अधिकार और बुनियादी सुविधाएँ देने में विफल रही है। उन्होंने आगे कहा, बंद बगानों, समय पर वेतन न मिलने, पेंशन और वैधानिक सुविधाओं से वंचित रहने के कारण आज हज़ारों श्रमिक गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
सांसद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने दार्जिलिंग पहाड़, तराई और डूअर्स क्षेत्र के चाय और सिंकोना श्रमिकों के जीवन स्तर में बदलाव लाने के उद्देश्य से चार नई श्रम संहिताएँ लागू की हैं।
कोड ऑन वेजेस (मजदूरी संहिता) न्यायसंगत और सम्मानजनक वेतन, समय पर भुगतान, महिला-पुरुष सभी के लिए समान वेतन तथा अत्यधिक वस्तुरूपी कटौतियों में कमी के माध्यम से इस अन्याय को सीधे संबोधित करेगा, ऐसा बिष्ट ने उल्लेख किया।
उन्होंने सोशल मीडिया में आगे लिखा, “मंत्री के अनुसार नई संहिताओं के तहत किसी भी श्रमिक को राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन (नेशनल फ्लोर वेज) से कम भुगतान नहीं किया जा सकेगा, और पश्चिम बंगाल सरकार को भी इसे अनिवार्य रूप से लागू करना होगा। सोशल सिक्योरिटी कोड (सामाजिक सुरक्षा संहिता) भविष्यनिधि, स्वास्थ्य बीमा, ईएसआईसी सुविधाएँ, मातृत्व लाभ, पेंशन और दुर्घटना बीमा जैसी सेवाओं की पहुँच श्रमिकों तक विस्तारित करता है।”
सांसद बिष्ट ने बताया कि ऑक्युपेशनल सेफ्टी, हेल्थ ऐंड वर्किंग कंडीशन्स कोड बगानों में रहने और कामकाजी वातावरण में उल्लेखनीय सुधार लाएगा, जबकि इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड श्रमिकों और प्रबंधन के बीच पारदर्शी और संतुलित संबंध को बढ़ावा देगा।
इसके अतिरिक्त, श्रमिकों के अनुरोध पर मंत्री ने निकट भविष्य में दार्जिलिंग में एक श्रम न्यायालय स्थापित किए जाने का आश्वासन दिया, ऐसा बिष्ट ने बताया।
श्रमिकों और उनके प्रतिनिधियों से मिलकर उनकी चिंताएँ प्रत्यक्ष रूप से सुनने के लिए समय देने हेतु सांसद ने मंत्री के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की।
अंत में सांसद बिष्ट ने सभी श्रमिकों के लिए सम्मानजनक वेतन, सुरक्षित कार्य-परिसर और बेहतर जीवन-स्तर सुनिश्चित करने के लिए भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराई।

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