पारंपरिक ‘खरवा’ हथियार से गोली चलने से दूसरे साथी की मौत
पाकयोंग :पाकयोंग ज़िले के अप्पर बिरिङ में एक शिकार यात्रा जानलेवा साबित हुई, जब एक युवक की पारंपरिक, हस्तनिर्मित बन्दूक से गलती से गोली चल जाने से एक की मौत हो गई।
मृतक की पहचान सत्कार सुब्बा के रूप में हुई है, जिसकी उम्र महज २५ से २७ वर्ष बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक वह अपने ३१ वर्षीय साथी हरका बहादुर राय के साथ रिचु खोला के पास जंगली सूअर का शिकार कर रहा था।
वे लोग स्थानीय रूप से निर्मित एक पारंपरिक बंदूक, जिसे “खरवा” कहा जाता है, उसका इस्तेमाल कर रहे थे।
बताया जाता है कि हथियार संभालते समय, राय की बंदूक से गलती से गोली चल गई, जिससे गोली सीधे सुब्बा के सीने में लगी, जिससे उनकी तत्काल मृ*त्यु हो गई।
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, राय तुरंत इस दुखद दुर्घटना की सूचना देने पाकयोंग पुलिस स्टेशन पहुँच खुदको सरेंडर कर दिया, जिसके बाद पुलिस अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। उन्होंने श्री सुब्बा की मृत्यु की पुष्टि की और घटना में इस्तेमाल की गई खड़वा बंदूक को अपने कब्जे में ले लिया।
इस हृदयविदारक घटना ने इस क्षेत्र में पारंपरिक शिकार विधियों और स्वदेशी, हस्तनिर्मित हथियारों के उपयोग से जुड़े जोखिमों की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
अधिकारी स्थानीय समुदायों से अत्यधिक सावधानी बरतने और इन आग्नेयास्त्रों से संबंधित सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने का आग्रह कर रहे हैं।
पाक्योंग पुलिस स्टेशन में बीएनएस अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की जाँच की जा रही है।







