शाह से भेंट के दूसरे दिन दिलीप घोष समिक भट्टाचार्य से मिले, क्या मिलेगा महत्वपूर्ण दायित्व?

Dilip-Ghosh-said-he-held-a-special-organisational-_1767281287639

कोलकाता: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय बंगाल दौरे के आखिरी दिन कल भाजपा के पूर्व बंगाल अध्यक्ष दिलीप घोष को भाजपा सांसदों, विधायकों और संगठनात्मक नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक में बुलाया गया था। इसके साथ ही शाह ने अलग से घोष के साथ बैठक की थी। इस बैठक के बाद आज बृहस्पतिवार को घोष ने पार्टी कार्यालय में वर्तमान अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य से मुलाकात की। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन को भी संबोधित किया। इस घटनाक्रम को राजनीतिक हलकों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
घोष पूर्व में मेदिनीपुर से सांसद थे लेकिन २०२४ के लोकसभा चुनाव में बर्धमान-दुर्गापुर सीट से उन्हें हार का सामना करना पड़ा था और अब पिछले कई महीनों से राज्य में भाजपा की गतिविधियों में उनकी सक्रियता बहुत कम हो गई थी। दरअसल दीघा में बने जगन्नाथ मंदिर के उद्घाटन के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ उनकी भेंट से पार्टी में उनके प्रति नाराजगी दिख रही थी और हुआ यह कि महत्वपूर्ण बैठकों, सभाओं में उन्हें नहीं बुलाया जाता था।
एक्स पर दिलीप घोष ने पोस्ट कर यह कहा:
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में घोष ने कहा, ‘‘२०२६ बंगाल चुनाव भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने लिखा, ‘‘पिछले चुनाव में हमने जो संघर्ष किया, उससे बंगाल की जनता की नजरों में हम प्रमुख विपक्षी दल के रूप में स्थापित हो गए। आज बंगाल की जनता बदलाव के लिए तैयार है।’’ भाजपा को २०१४ के लोकसभा चुनाव में राज्य में मात्र दो सीटें ही मिली थीं, लेकिन घोष के नेतृत्व में भाजपा ने २०१९ के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की ४२ सीटों में से १८ सीटें हासिल की थीं। पश्चिम बंगाल विधानसभा में २०१६ के चुनावों में भाजपा के पास मात्र तीन सीटें थीं, लेकिन २०२१ के चुनाव में घोष के नेतृत्व में पार्टी ने कुल ७७ सीट हासिल की।
दिलीप बोले कि पार्टी ने काम करने को कहा:
बाद में एएनआई को दिये एक इंटरव्यू में भाजपा नेता दिलीप घोष ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष ने लोगों के बीच जाकर काम करने को कहा। सूत्रों का कहना है कि घोष जनवरी में कम से कम १६ सभाओं को संबोधिक करेंगे। बहरहाल घोष ने कहा कि मैं न तो पार्टी का पदाधिकारी हूं, और न ही जनप्रतिनिधि हूं। मेरा काम संगठन चलाना नहीं है, इसलिए मैं सामान्य कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क करता था। आज पार्टी ने मुझे बुलाया और काम करने को कहा, और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जिनके मार्गदर्शन में बंगाल में भाजपा खड़ी हुई, वे खुद यहां आए हैं, और उन्होंने भी काम करने का आदेश दिया है, इसलिए मैंने काम शुरू कर दिया है। पार्टी मुझे जो भी भूमिका देगी, मैं उसमें काम करूंगा।
घोष का पार्टी कार्यकर्ताओं में अच्छी पकड़:
बहरहाल पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों में भाजपा के जीत हासिल करने के प्रयासों में घोष की भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इस अटकलों के बीच, उन्होंने यहां पार्टी के सॉल्टलेक कार्यालय में भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य से मुलाकात की। राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा है कि आगामी विधानसभा चुनावों में दिलीप घोष को पार्टी महत्वपूर्ण दायित्व सौंप सकती है। घोष की पार्टी के कार्यकर्ताओं में आज भी अच्छी पकड़ मानी जाती है। अध्यक्ष रहने के दौरान पूरे प्रदेश में उन्होंने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

About Author

Advertisement