निंग्बो (चीन): भारत के २० वर्षीय युवा शटलर आयुष शेट्टी ने चीन में जारी बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में सनसनी मचा दी है। शनिवार को हुए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में आयुष ने विश्व के नंबर एक खिलाड़ी कुनलावुत वितिदसरन को स्तब्ध करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
चीन के निंग्बो स्थित ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में आयुष ने गजब का जज्बा दिखाया। पहला गेम हारने के बाद उन्होंने असाधारण वापसी की और ७५ मिनट तक चले मुकाबले को १०-२१, २१-१९, २१-१७ से अपने नाम कर लिया। पिछले साल आर्कटिक ओपन में वितिदसरन से मिली हार का बदला लेते हुए आयुष ने इस बार हिसाब बराबर कर दिया।
आयुष की ऐतिहासिक उपलब्धि के मुख्य अंश:
५९ साल बाद दोहराया इतिहास: आयुष १९६५ के बाद एशिया कप के पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले दिनेश खन्ना ने स्वर्ण पदक जीता था।
दिग्गजों का शिकार: फाइनल तक के सफर में आयुष ने न केवल नंबर १ खिलाड़ी को हराया, बल्कि विश्व नंबर ४ जोनाथन क्रिस्टी और चीन के ली शी फेंग जैसे बड़े नामों को भी बाहर का रास्ता दिखाया।
पदक पक्का: फाइनल में प्रवेश के साथ ही आयुष ने कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब उनकी नजरें ५९ साल के सूखे को खत्म कर स्वर्ण पदक पर टिकी हैं।
अन्य भारतीयों ने किया निराश
एक ओर जहाँ आयुष भारतीय बैडमिंटन के नए सितारे बनकर उभरे हैं, वहीं दूसरी ओर भारत के दिग्गज खिलाड़ियों का प्रदर्शन फीका रहा। स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु दूसरे दौर में ही बाहर हो गईं, जबकि लक्ष्य सेन को पहले दौर में ही हार का सामना करना पड़ा।
अब पूरे भारत की उम्मीदें २० वर्षीय आयुष पर टिकी हैं, जो रविवार को खिताबी मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरेंगे।








