Category: विशेष

टीआरआई अभिलेखालय…
पुरालेख
विशेष

बांग्लादेश को छात्रों के लिए जीवन-केंद्रित शिक्षा सुधार की आवश्यकता है

हैदर अली ढाका: नीति निर्माताओं को कुछ राष्ट्रीय परीक्षाओं की जगह समग्र स्कूल-आधारित मूल्यांकन लागू करने पर विचार करना चाहिए जो योग्यता, कौशल विकास और डिजिटल

विशेष

७ सितंबर को भारत में दिखेगा साल का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण, ब्लड मून बनेगा आकर्षण

कोलकाता: ७ सितंबर की रात भारत में आकाशगंगाओं का एक दुर्लभ नजारा दिखाई देगा। इस दिन पूर्ण चंद्रग्रहण होगा, जो रात ८ बजकर ५८ मिनट पर

विशेष

बाबा हरभजन की कहानी

गान्तोक: आज, ३० अगस्त, १९४६ को जन्मे बाबा हरभजन सिंह की ७९वीं जयंती है। नाथूला के संत के नाम से प्रसिद्ध बाबा हरभजन सिंह को पूर्वी

विशेष

मंगल ग्रह पर मिले डायनासोर के अंडे

नयाँ दिल्ली: मंगल ग्रह हमेशा अपने रहस्यों से वैज्ञानिकों को हैरान करता रहता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है। नासा के क्यूरियोसिटी रोवर को

विशेष

उत्तर बंगाल के हाथियों की स्थिति अच्छी रहे

सैकत देवनाथअनु: देवेंद्र के. ढुङ गाना भारत हाथियों के आवासों में से एक है। एक सरकारी सर्वेक्षण के अनुसार यहाँ लगभग २९,००० हाथी हैं। २०१७ में

विशेष

तराई में बढ़ती चीनी गतिविधियाँ: व्यापार के आवरण में जासूसी

अनिल तिवारी नेपाल–भारत की खुली सीमा ऐतिहासिक, सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। यह व्यवस्था दोनों देशों के परस्पर विश्वास, सांस्कृतिक घनिष्ठता

विशेष

एक सार्थक और सफल जीवन जीने के लिए महात्मा गांधी के २० प्रेरक उद्धरण

अजात शत्रु विश्व इतिहास में, महात्मा गांधी एकमात्र ऐसे दार्शनिक हैं जो न केवल सिद्धांतों के प्रतिपादक थे, बल्कि अपने युग के एक महान नेता भी

विशेष

६ जुलाई को ९० साल के होंगे दलाई लामा, इस दौरान करेंगे अपने उत्तराधिकारी की घोषणा

कोलकाता: तिब्बती बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का उत्तराधिकारी कौन होगा, यह सवाल सिर्फ तिब्बती बौद्ध धर्म के अनुयायियों के मन में ही

विशेष

ईरान पर बमबारी करने वाले बि -२ बमवर्षकों ने हवा में लगभग ६ बार ईंधन भरा, ऐसा कैसे संभव है?

अमेरिका ने रविवार को ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हमला करने के लिए १२६ से अधिक विमानों का इस्तेमाल किया।बि -२ बमवर्षक, लड़ाकू विमान और हवाई

विशेष

‘तृतीय परमाणु युग’: बदलती दुनिया और डगमगाते वैश्विक मानद

डॉ सत्यवान सौरभ जब १९४५ में हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिरे, तो मानवता ने पहली बार अपनी ही बनाई शक्ति के विनाशकारी रूप को