कोलकाता: सत्रहवीं विधानसभा के अंतिम तथा बजट सत्र के दूसरे दिन पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। सत्तारूढ़ दल के एक मंत्री और विपक्ष के नेता के बीच तीखी नोकझोंक हुई। उल्लेखनीय है कि विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा— दोनों के पिता लंबे समय तक जनप्रतिनिधि रहे हैं। वे स्वयं भी वर्तमान में जनप्रतिनिधि हैं। इसी पृष्ठभूमि में उदयन गुहा और शुभेंदु अधिकारी विधानसभा में एक-दूसरे के पिता को लेकर आमने-सामने आ गए।
उस दिन बजट बहस के दौरान भाजपा विधायक अशोक लाहिड़ी भाषण दे रहे थे। ‘वोट ऑन अकाउंट’ पर चर्चा के दौरान अशोक लाहिड़ी के बयान को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी खेमे में तकरार शुरू हो गई। हालात ऐसे बने कि अध्यक्ष बिमान बनर्जी को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा। अशोक लाहिड़ी के बोलते समय दिनहाटा के विधायक उदयन गुहा बार-बार टिप्पणी कर रहे थे। इसके बाद लाहिड़ी ने भाषण रोककर उदयन गुहा से कहा, “आप ही बोलिए, मैं हूँ या नहीं?” इससे सदन और अधिक गर्म हो गया।
इसके बाद भाजपा विधायक एवं विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल करते हुए हमला शुरू कर दिया। शालीनता की सीमा लांघते हुए उन्होंने उदयन को निशाना बनाकर कहा, “इसे फिर से हराऊँगा। यह गुंडा है। इसने अपने ही पिता को चोर कहा है।” असंसदीय भाषा के आरोप लगते ही अध्यक्ष ने तुरंत हस्तक्षेप कर उन शब्दों को कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) का निर्देश दिया। तब तक सत्तारूढ़ और विपक्षी विधायकों के बीच नारेबाज़ी शुरू हो चुकी थी।
इसी दौरान ओडिशा सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों का उदाहरण देते हुए मंत्री उदयन गुहा ने कहा, “वे तो बंगालियों को मार रहे हैं, कुछ तो कहिए।” यह सुनते ही भाजपा बेंच से हंगामा शुरू हो गया। तभी शुभेंदु अधिकारी ने उदयन की ओर इशारा करते हुए कहा, “आप तो अपने पिता को ही चोर कहते हैं।” इस पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक भड़क उठे। दोनों पक्षों में शोर-शराबा बढ़ने पर अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सभी को शांत कराकर फिर से बहस शुरू करने को कहा।
इसके बाद स्पीकर की अनुमति लेकर उदयन गुहा ने कहा, “मेरे पिता कमल गुहा सात बार विधायक रहे और १९ वर्षों तक मंत्री थे। मैंने अपने पिता की राजनीतिक गतिविधियों की कुछ आलोचना की हो सकती है, लेकिन शुभेंदु अधिकारी यह साबित करें कि मैंने अपने पिता को चोर कहा है।” साथ ही उन्होंने शुभेंदु अधिकारी पर कटाक्ष करते हुए कहा, “आप शिशिर बाबू के बेटे हैं, लेकिन खुद को मोदी का बेटा कहते हैं। आखिर आप किसके बेटे हैं?”
उदयन गुहा की इस टिप्पणी के बाद बजट सत्र के दौरान दोनों पक्ष एक-दूसरे की ओर उँगली उठाकर नारे लगाने लगे। इसके बाद स्पीकर ने साफ कर दिया कि इस मुद्दे पर किसी का भी बयान कार्यवाही में दर्ज नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने सदन की मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। कुछ समय बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। हालांकि, दो नेताओं के पिता को लेकर हुआ यह टकराव विधानसभा में एक असामान्य और अभूतपूर्व घटना के रूप में सामने आया।









