नई दिल्ली: ओम बिरला गुरुवार को लंबे अंतराल के बाद लोकसभा की कार्यवाही में शामिल हुए। १० फरवरी के बाद यह पहला मौका था जब वे सदन में पहुंचे। उनके आने पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने ‘अध्यक्ष जी को जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
लोकसभा का बजट सत्र का दूसरा चरण ९ मार्च से शुरू हुआ था, लेकिन विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिए जाने के बाद से बिरला सदन में नहीं आए थे। इस प्रस्ताव पर करीब १४ घंटे तक चर्चा हुई और अंत में इसे खारिज कर दिया गया।
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद के.सी. वेणुगोपाल ने एलपीजी से जुड़े मुद्दे को उठाने की कोशिश की। इस पर स्पीकर ने कहा कि पहले प्रश्नकाल चलने दिया जाए। वेणुगोपाल ने आग्रह किया कि जीरो आवर में विपक्ष के नेता को बोलने का मौका दिया जाए।
बाद में स्पीकर ने करीब २५ मिनट तक अपनी बात रखते हुए कहा कि संसद में सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है और कार्यवाही हमेशा नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार ही चलती है। उन्होंने यह भी कहा कि माइक्रोफोन का बटन स्पीकर के पास नहीं होता।
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, सदन में माइक्रोफोन को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी एक तकनीकी टीम के पास होती है। स्पीकर या पीठासीन सभापति के निर्देश के अनुसार ही किसी सदस्य का माइक चालू या बंद किया जाता है।
विपक्ष अक्सर आरोप लगाता रहा है कि जब वे बोलते हैं तो उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया जाता है। इसी मुद्दे को लेकर अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा के दौरान भी बहस हुई थी।










