नई दिल्ली: लेबनान में इजरायल के हवाई हमले तेज हो गए हैं, जिनमें 14 और लोगों की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हुए हैं। इजरायल का कहना है कि उसने हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया, हालांकि जमीनी हालात में बेरूत के घनी आबादी वाले क्षेत्रों और नागरिक ढांचे को भारी क्षति पहुंची है।
रविवार को बेरूत में कई बार बमबारी की गई। ज्नाह इलाके में रिहायशी घरों को निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाओं सहित चार लोगों की मृत्यु हो गई और ४९ अन्य घायल हुए। यह क्षेत्र रफीक हरीरी हॉस्पिटल के निकट स्थित है। मेडेसिन्स सैंस फ्रंटियर्स (एमएसएफ) ने अस्पताल के पास नागरिक इलाके पर हमले की कड़ी निंदा की है।
एमएसएफ के अनुसार घनी आबादी वाले क्षेत्र में हमले के बाद बड़ी संख्या में घायल लोगों को अस्पताल लाया गया, जिनमें कई लोग गंभीर रूप से घायल थे। मलबा हटाने के दौरान और लोगों के हताहत होने की आशंका जताई गई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि ज्नाह इलाके पर पहले भी हमले हुए हैं, लेकिन यह हमला सबसे घातक रहा। प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले कई प्रवासी मजदूर अपने घरों के मलबे से सामान निकालते देखे गए।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इजरायली हमलों में अब तक १,४६५ से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और ४,४०० से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। पिछले चार दिनों में नागरिकों की मौतों में तेजी आई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
कफर इलाके में एक कार पर बम गिरने से चार लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि कफर-हत्ता में एक घर पर हमले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान चली गई। इस बीच मसना बॉर्डर क्रॉसिंग को भी बंद कर दिया गया है, क्योंकि इजरायल ने वहां संभावित हवाई हमले की चेतावनी देते हुए तत्काल खाली करने का निर्देश दिया है।








