हाईकोर्ट ने पूछा ‘पहले क्यों नहीं आए?
नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राजद नेता लालू प्रसाद यादव की याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा। इस मामले में आरोप तय करने के आदेश के खिलाफ लालू यादव ने याचिका दायर की थी, जिसे न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि सीबीआई का जवाब मिलने के बाद ही मामले पर रोक लगाने पर विचार किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई १४ जनवरी २०२६ को होगी।
सीबीआई के अनुसार, यह मामला २००४-२०१४ के बीच भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के दो होटलों के संचालन के लिए एक निजी कंपनी को अनुबंध देने से संबंधित है, जिसमें भ्रष्टाचार और अनियमितताएं होने का आरोप है।
निचली अदालत ने लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और ११ अन्य के खिलाफ आईपीसी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं में आरोप तय किए थे। सीबीआई का आरोप है कि इस मामले में निजी कंपनी सुजाता होटल्स को लाभ पहुंचाने के लिए शर्तों में हेरफेर किया गया।
यह मामला सजा के तहत भ्रष्टाचार निरोधक कानून और धोखाधड़ी से संबंधित है, जिसमें दोषी पाए जाने पर अधिकतम १० साल तक की सजा हो सकती है।









