काठमांडू: सिविल लिबरेशन पार्टी नेपाल के संरक्षक रेशमलाल चौधरी की रिट पिटीशन पर आज सुनवाई होनी है। सुनवाई जस्टिस बाल कृष्ण ढकाल की बेंच में हुई है।
मार्च ५ को होने वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव के लिए उनकी उम्मीदवारी खारिज होने के बाद चौधरी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक रिट पिटीशन दायर की थी। चौधरी ने मांग की है कि कैलाली निर्वाचन क्षेत्र नंबर 1 के चुनाव अधिकारी, चुनाव अधिकारी के ऑफिस के फैसले को रद्द किया जाए, उनका आरोप है कि चुनाव अधिकारी ने उनकी उम्मीदवारी को गैर-कानूनी तरीके से खारिज कर दिया है।
चुनाव अधिकारी के ऑफिस ने कानूनी नियम के अनुसार उनका नॉमिनेशन खारिज कर दिया था, जिसके अनुसार हत्या से जुड़े मामले में उम्रकैद की सजा पाया व्यक्ति चुनाव में उम्मीदवार हो सकता है।
१३ सेप्टेम्बर, २०१५ को थारूट आंदोलन के दौरान कैलाली के टीकापुर में हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान नेपाल पुलिस के सीनियर सुपरिटेंडेंट लक्ष्मण न्यौपाने समेत 8 सुरक्षाकर्मी और एक नाबालिग मारे गए। चौधरी को तीनों कोर्ट ने इस घटना का मास्टरमाइंड होने का दोषी ठहराया।
बाद में, चौधरी को रिपब्लिक डे के मौके पर प्रेसिडेंट से माफी मिलने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया। उन्होंने कैलाली-1 से हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी दी थी।










