कोलकाता: रेड रोड पर ईद की नमाज़ में शामिल होकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर ‘एसआईआर’ के मुद्दे पर मुखर हुईं। इतना ही नहीं, उन्होंने ‘एसआईआर’ में नाम काटे जाने के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निशाने पर लिया। ममता ने कहा कि ‘एसआईआर’ को लेकर जो लड़ाई उन्होंने शुरू की है, वह आगे भी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री के साथ रेड रोड के कार्यक्रम में डायमंड हार्बर के सांसद तथा तृणमूल कांग्रेस के सर्वभारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी मौजूद थे। मंच से उन्होंने एकता और सौहार्द का संदेश दिया।
विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल में ‘एसआईआर’ के मुद्दे पर ममता शुरू से ही मुखर रही हैं। सभा हो या संवाददाता सम्मेलन—हर जगह वह केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार और निर्वाचन आयोग पर एक साथ हमला बोलती रही हैं। शनिवार को रेड रोड पर ईद की नमाज़ के दौरान भी उन्होंने यही रुख बनाए रखा।
सबसे पहले उन्होंने सभी को ईद की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने ‘एसआईआर’ के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद की। उन्होंने कहा, “एसआईआर में कई लोगों के नाम काट दिए गए हैं। मैं इस मुद्दे को लेकर संघर्ष कर रही हूं। इसी कारण मैं उच्च न्यायालय से लेकर सर्वोच्च न्यायालय तक गई हूं। सभी के अधिकारों के लिए मेरी यह लड़ाई जारी रहेगी।
इसके बाद ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, “हमारे अधिकारों को मोदी जी छीन नहीं सकते।” उन्होंने मोदी को “सबसे बड़ा घुसपैठिया” बताते हुए भी हमला किया। ममता ने कहा, “जब वह सऊदी अरब जाकर हाथ मिलाते हैं और दुबई जाकर गले मिलते हैं, तब उन्हें हिंदू-मुस्लिम की याद नहीं आती। लेकिन देश में आते ही नाम काटने की बात याद आती है।”
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सऊदी अरब हो या दुबई—सभी भारत के मित्र देश हैं। ममता ने केवल मोदी ही नहीं, बल्कि उनकी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “भारतीय जनता पार्टी गुंडों और डाकुओं की पार्टी है। जो भी बंगाल को निशाना बनाएगा, वह नरक में जाएगा।”
ममता के कुछ मिनटों के भाषण का बड़ा हिस्सा ‘एसआईआर’ के मुद्दे पर केंद्रित रहा।
शनिवार को रेड रोड पर अभिषेक बनर्जी का भाषण अपेक्षाकृत संक्षिप्त रहा। उन्होंने मानवता, एकता और सौहार्द की बात कही। उन्होंने कहा, “मानवता के लिए सभी को एकजुट होना होगा। बंगाल की सौहार्द की परंपरा बनी रहे। रमज़ान में राम हैं और दीवाली में अली। जिस चांद को देखकर ईद मनाई जाती है, उसी चांद को देखकर करवाचौथ भी मनाया जाता है।”









