राहुल गांधी को सुलतानपुर की अदालत में बयान दर्ज कराने क्यों जाना पड़ा?

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लखनऊ: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर स्थित सांसद-विधायक अदालत में पेश हुए। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराया।
क्या है मामला?
यह प्रकरण वर्ष २०१८ का है। कर्नाटक चुनाव के दौरान एक पत्रकार वार्ता में राहुल गांधी ने उस समय भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अमित शाह के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसी बयान को लेकर सुलतानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने उनके विरुद्ध मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस बयान से उनकी भावनाएँ आहत हुईं, जिसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। पिछले कई वर्षों से यह मामला अदालत में लंबित है।
अदालत में क्या हुआ?
राहुल गांधी शुक्रवार सुबह करीब १०:४० बजे अदालत पहुंचे और लगभग ११:१५ बजे तक अपना बयान दर्ज कराकर वहां से रवाना हो गए। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 9 मार्च निर्धारित की है। इस दिन राहुल गांधी को अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।
इससे पहले, अदालत में अनुपस्थित रहने पर उनके खिलाफ वारंट भी जारी हुआ था। बाद में उन्होंने आत्मसमर्पण कर जमानत प्राप्त की थी। अपने पूर्व बयान में उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताया था और मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया था।
अदालत परिसर का माहौल
अदालत से बाहर निकलते समय कांग्रेस समर्थकों की भीड़ वहां मौजूद थी। समर्थकों ने नारे लगाए और राहुल गांधी ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया। सुनवाई से पहले शहर में ‘सत्यमेव जयते’ लिखे पोस्टर भी लगाए गए थे।
इस प्रकार, यह पूरा मामला एक राजनीतिक टिप्पणी से शुरू होकर अब न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है।

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