नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर असहमति को “अपराध” बना देने का आरोप लगाया है। उन्होंने बृहस्पतिवार ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह समझना चाहिए कि भारत उत्तर कोरिया नहीं है। “जब सत्ता खुद को राष्ट्र समझने लगे और असहमति को दुश्मन मानें, तब लोकतंत्र मर जाता है।”
राहुल ने कहा, “शांतिपूर्ण विरोध अपराध नहीं है, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा है। सवाल पूछना लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी ताकत है।”
गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा कि पेपर लीक से त्रस्त युवाओं ने अपने भविष्य के लिए आवाज उठाई, जवाब में उन्हें लाठी और दमन का सामना करना पड़ा। देश की गौरवशाली महिला पहलवानों ने भाजपा के प्रभावशाली नेता पर गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की, लेकिन उनकी आवाज दबा दी गई।
उन्होंने युवा कांग्रेस के सदस्यों को “देशविरोधी” बताकर गिरफ्तार किए जाने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि लोकसभा विरोध प्रदर्शन में इंडिया गेट पर बलात्कार पीड़िता का समर्थन करने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन को “असुविधा” मानकर हटाया गया।
राहुल ने किसान आंदोलन, आदिवासी अधिकारों के लिए प्रदर्शन और पर्यावरण संरक्षण के लिए शांतिपूर्ण विरोध का उदाहरण देते हुए कहा कि इन्हें भी दमन का सामना करना पड़ा।
उन्होंने चेतावनी दी, “लोकतंत्र तब मजबूत होता है जब सरकार आलोचना सुनती है, जवाब देती है और जवाबदेह रहती है। मोदी जी, भारत उत्तर कोरिया नहीं है। जब सत्ता खुद को राष्ट्र मानकर असहमति को दुश्मन समझती है, तब लोकतंत्र मर जाता है।”










