राष्ट्रपति–ममता टकराव तेज, टीएमसी का मुलाक़ात अनुरोध खारिज

president-and-mamata

कोलकाता: द्रौपदी मुर्मू और ममता बनर्जी के बीच जारी विवाद और गहरा गया है। राष्ट्रपति कार्यालय ने तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाक़ात के अनुरोध को “समय की कमी” का हवाला देते हुए अस्वीकार कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने राष्ट्रपति से समय मांगते हुए पत्र लिखा था। इसमें १२ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मिलने की अनुमति देने का अनुरोध किया गया था, ताकि राज्य में आदिवासी समुदायों के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा सके। बाद में पार्टी ने अगले सप्ताह के लिए फिर से समय देने का अनुरोध भी किया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब राष्ट्रपति और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच हाल के दिनों में तनाव बढ़ा है।
विवाद की शुरुआत सिलीगुड़ी में आदिवासी कल्याण से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। राष्ट्रपति मुर्मू ने बागडोगरा हवाईअड्डा पर उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री या किसी कैबिनेट मंत्री के मौजूद न होने पर सवाल उठाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि राज्य में संथाल और अन्य आदिवासी समुदायों तक केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पूरी तरह नहीं पहुंच रहा है।
राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे “राजनीतिक टिप्पणी” बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान राष्ट्रपति पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं और राष्ट्रपति को इस तरह की टिप्पणी से बचना चाहिए।
वहीं नरेंद्र मोदी ने कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को “शर्मनाक” बताया और कहा कि इससे लोकतंत्र और आदिवासी सशक्तिकरण में विश्वास रखने वाले लोग आहत हुए हैं।
हालांकि, बंगाल सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम निजी तौर पर आयोजित किया गया था और इसमें राज्य सरकार की आधिकारिक भूमिका नहीं थी।

About Author

Advertisement