राष्ट्रपति के दौरे को लेकर केंद्र-राज्य में टकराव तेज

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कोलकाता: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर केंद्र और राज्य के बीच विवाद तेज हो गया है। नवान्न सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त सी. सुधाकर और दार्जिलिंग के जिला अधिकारी मनीष मिश्रा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर बुलाया है। इसके तुरंत बाद राज्य सरकार ने मनीष मिश्रा को गृह विभाग में स्थानांतरित कर दिया और उत्तर बंगाल विकास प्राधिकरण के विशेष सचिव सुनील अग्रवाल को दार्जिलिंग का नया जिला अधिकारी नियुक्त किया। सूत्रों के अनुसार सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त को भी हटाया जा सकता है।
दो अधिकारियों की भूमिका से केंद्र नाखुश
सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति के उत्तर बंगाल दौरे को लेकर शुरू हुए विवाद के संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजा है। इसमें सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त और दार्जिलिंग के जिला अधिकारी को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर बुलाने की बात कही गई है। राज्य सरकार की ओर से अब तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इसी बीच शुक्रवार शाम को जानकारी मिली कि राज्य प्रशासन ने मनीष मिश्रा को गृह और पहाड़ी मामलों के विभाग में विशेष सचिव नियुक्त कर दिया। १३ मार्च को जारी अधिसूचना में उनके हटाए जाने का आदेश सामने आया, हालांकि इसमें १२ मार्च की तारीख दर्ज है। इससे सवाल उठ रहा है कि क्या राज्य सरकार को केंद्र की कार्रवाई का पहले से संकेत मिल गया था। इस फैसले से दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ने की संभावना है।
विवाद की शुरुआत
विवाद उस समय शुरू हुआ जब पिछले सप्ताह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिलीगुड़ी में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुई थीं। मंच से उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल को लेकर जिला प्रशासन ने उन्हें गुमराह किया। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका स्वागत नहीं किया, जिससे उन्हें निराशा हुई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी। विवाद बढ़ने पर राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने केंद्र को पत्र भेजकर प्रशासन का पक्ष स्पष्ट करने की कोशिश की, लेकिन बताया जा रहा है कि केंद्र इससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। गृह मंत्रालय की समीक्षा में सुरक्षा और प्रोटोकॉल से जुड़ी पांच प्रमुख खामियों का उल्लेख किया गया है।

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