रसोई गैस की मांग बढ़ने से कोलकाता में लंबी कतारें

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कोलकाता: मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि की खबरों से घरेलू उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। इसके चलते कोलकाता समेत कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
लोगों को आशंका है कि अगर अचानक रसोई गैस खत्म हो गई तो खाना बनाना मुश्किल हो जाएगा। कई उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग से जुड़ी परेशानियों की भी शिकायत की है।
कोलकाता के अलग-अलग इलाकों के साथ ही सिलीगुड़ी और जलपाईगुड़ी जैसे शहरों में भी गैस एजेंसी कार्यालयों के बाहर बड़ी संख्या में लोग कतार में खड़े दिखाई दिए। बुधवार को रसोई गैस एजेंसियों के कार्यालयों और वाहन के लिए गैस भरवाने वाले केंद्रों पर भीड़ देखी गई।
पेट्रोलियम विक्रेता संघ के अधिकारियों ने कहा कि राज्य भर के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सामान्य है। हालांकि रसोई गैस वितरकों का कहना है कि उन्हें फिलहाल दो सिलिंडर वाले नए गैस कनेक्शन जारी न करने के निर्देश मिले हैं और आपूर्ति की गति धीमी है।
कोलकाता में गैस से चलने वाले कई ऑटो-रिक्शा भी वितरण केंद्रों के बाहर कतार में दिखाई दिए। चालकों का कहना है कि उन्हें ईंधन लेने के लिए कई घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
हावड़ा के गुलमोहर मैदान की निवासी ऋतिका तिवारी ने कहा कि एक सिलिंडर महीना भर भी नहीं चलता। ऐसे में आगे की जरूरतों को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अब कुछ खाना बिजली से चलने वाले चूल्हे पर बनाने पर विचार करना पड़ सकता है, लेकिन इसके लिए अलग बर्तन खरीदने होंगे जिससे खर्च बढ़ेगा।
वहीं भारतीय राष्ट्रीय रेस्तरां संघ के कोलकाता इकाई के प्रमुख पीयूष कांकरिया ने कहा कि बुधवार से शहर के कई भोजनालयों में खाना पकाने वाली गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। सड़क किनारे खाने के स्टॉल चलाने वालों का कहना है कि उन्हें रसोई गैस सिलिंडर खुदरा कीमत से लगभग दोगुने दाम पर खरीदने पड़ रहे हैं।
इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए तेल रिफाइनरियों को रसोई गैस का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

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