नई दिल्ली: ईरान ने बताया कि ‘प्रधानमंत्री ने रमजान के पवित्र महीने में युद्ध शुरू होने पर दुख व्यक्त किया और आशा जताई कि नया साल इस क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अमन-चैन लाए।’ इस दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी जोर दिया कि ‘भारत कूटनीतिक मार्ग अपनाते हुए रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए सभी संभावित प्रयास करेगा ताकि संघर्ष और बढ़ना किसी के हित में न हो।’
प्रधानमंत्री ने देर शाम राष्ट्रपति पैशेन्शियन से टेलीफोन संवाद किया। इसके बाद ईरान की तरफ से प्रेस रिलीज जारी की गई। प्रेस रिलीज़ के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच बातचीत में इस क्षेत्र के युद्ध से संबंधित ताजा घटनाक्रम और तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा हुई।
पैशेन्शियन ने भारत के दृष्टिकोण की सराहना की
प्रेस रिलीज़ में कहा गया कि राष्ट्रपति पैशेन्शियन और प्रधानमंत्री ने युद्ध से संबंधित ताजा घटनाओं और अन्य देशों की आक्रामकता के कारण उत्पन्न परिणामों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। पैशेन्शियन ने भारत के संतुलित और रचनात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए तनाव कम करने के प्रयासों की प्रशंसा की।
ब्रिक्स अध्यक्षता और ईरान की मांग
ईरान के राष्ट्रपति के अनुसार, ‘महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, इसके बावजूद ईरान ब्रिक्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों में भारत और मित्र राष्ट्रों के साथ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने इस क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए ब्रिक्स की सक्रिय और रचनात्मक भूमिका की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत-ईरान विदेश मंत्रियों की चौथी बातचीत
ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच चौथी बार टेलीफोन संवाद हुआ। इस बातचीत में ईरान के विदेश मंत्री ने ब्रिक्स की भूमिका को विशेष महत्व दिया। भारत इस वर्ष ब्रिक्स का अध्यक्ष है और इस समूह के माध्यम से क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाना आवश्यक है।









