नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केअवसर पर अग्रणी भारतीय निजी क्षेत्र के बैंक यस बैंक ने ‘यस एसेंस महिला वेतन खाता’ लॉन्च करने की घोषणा की है। यह एक व्यापक समाधान है, जिसे कामकाजी महिलाओं की वित्तीय और जीवनशैली संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
यह नई पेशकश वित्तीय सुरक्षा, प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, लाइफस्टाइल विशेषाधिकार और संपत्ति निर्माण जैसी विशेष सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगी।
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, २०१७-१८ से २०२३-२४ के बीच महिलाओं के रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीण भारत में महिलाओं के रोजगार में ९६% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह वृद्धि ४३% रही है। पिछले सात वर्षों में १.५६ करोड़ से अधिक महिलाएं औपचारिक कार्यबल से जुड़ी हैं, जो देश की आर्थिक वृद्धि में उनकी बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
महिलाओं की इस लगातार बढ़ती भागीदारी से यह स्पष्ट होता है कि वित्तीय समाधानों के साथ स्वास्थ्य संबंधी लाभों की भी आवश्यकता है। बदलती कार्यबल संरचना के अनुरूप यस एसेंस महिला वेतन खाता तीन प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित होगा:
- वित्तीय समाधान:
o पहले वर्ष के लिए विशेष मुफ्त लॉकर सुविधा।
o ३-इन-१ अकाउंट पर पहले वर्ष के लिए डिमैट एएमसी का १०० % शुल्क माफ।
o पहले वर्ष में ३४,००० यस रिवार्ड्ज तक कमाने और रिडीम करने का अवसर। - स्वास्थ्य और वेलनेस सुरक्षा:
o एक वर्ष के लिए ५ लाख रुपये का सुपर टॉप-अप हेल्थ कवर निःशुल्क।
o साल में एक बार वार्षिक प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप (घर पर विजिट और लैब सैंपल कलेक्शन की सुविधा सहित)।
o पार्टनर के माध्यम से १ वर्ष की कॉम्प्लिमेंटरी मेंबरशिप, जिसमें पेरेंटिंग टूलकिट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, मनोवैज्ञानिक, पोषण विशेषज्ञ और अन्य विशेषज्ञों से परामर्श जैसी स्वास्थ्य सेवाएं शामिल होंगी। - लाइफस्टाइल विशेषाधिकार:
० कॉम्प्लिमेंटरी एलिगेंस डेबिट कार्ड, जिसमें यूटिलिटी, ग्रॉसरी, ट्रैवल आदि चुनिंदा श्रेणियों पर ५% कैशबैक, जो सालाना ₹६,००० तक हो सकता है
इस लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए यस बैंक के कंट्री हेड- रिटेल लाइबिलिटीज, फी एंड बिजनेस बैंकिंग, श्री धीरज सांघी ने कहा* , ‘यस एसेंस महिला वेतन खाता’ के माध्यम से हमने कामकाजी महिलाओं के समुदाय का समर्थन करने की दिशा में एक और कदम उठाया है। औपचारिक कार्यबल में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है। जैसे-जैसे अधिक महिलाएं पेशेवर और वित्तीय निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, एकीकृत और सुरक्षा-आधारित बैंकिंग समाधानों की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है। यह विशेष सैलरी अकाउंट महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देने की हमारी प्रतिबद्धता है।”
इस पहल के माध्यम से यस बैंक ने ग्राहकों को प्राथमिकता देने के अपने दृष्टिकोण और डिजिटल रूप से सक्षम सेवाओं के जरिए सभी वर्गों के ग्राहकों के लिए अधिक समावेशी वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर अपने फोकस को दोहराया है।









