गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को गंभीर आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच गहरे संबंध हैं, और खुफिया ब्यूरो (आईबी) से प्राप्त जानकारी को पाकिस्तान तक पहुंचाया। यह आरोप उन्होंने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए, जिसमें उन्होंने यह भी दावा किया कि एलिजाबेथ को पाकिस्तानी एजेंसी द्वारा पैसे दिए गए, जो विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का उल्लंघन है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोगोई और उनकी पत्नी का पाकिस्तान से गहरा रिश्ता है और इन लोगों ने भारत सरकार को दरकिनार करके पाकिस्तान के साथ काम किया। सरमा ने इस मामले की केंद्रीय गृह मंत्रालय से जांच कराने की सिफारिश की है।
गोगोई की पत्नी का पाकिस्तानी एजेंट से संबंध और एलिजाबेथ की यात्रा:
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि एलिजाबेथ ने पाकिस्तान के “लीड पाकिस्तान” संगठन में काम किया और फिर भारत में “लीड इंडिया” में स्थानांतरित हो गईं। उन्होंने दावा किया कि एलिजाबेथ को पैसे पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा दिए जाते थे। सरमा ने यह भी कहा कि शेख और एलिजाबेथ के बीच संबंध एक अंतरराष्ट्रीय साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।
इसके अलावा, सरमा ने आरोप लगाया कि एलिजाबेथ ने भारत से संबंधित संवेदनशील जानकारी शेख को दी और छह बार इस्लामाबाद और तीन बार पाकिस्तान यात्रा की। वे इन यात्राओं को गोपनीय रखने के लिए अटारी सीमा से पाकिस्तान जाती थीं।
गोगोई पर पाकिस्तान यात्रा के आरोप:
हिमंता सरमा ने यह भी कहा कि गौरव गोगोई ने दिसंबर २०१३ में पाकिस्तान की एक “गोपनीय यात्रा” की थी, जिसकी असम पुलिस को जानकारी नहीं दी गई थी। उनका कहना था कि गोगोई को लाहौर के लिए वीजा मिला था, लेकिन वह इस्लामाबाद और कराची गए थे, और उन्होंने १० दिन पाकिस्तान में बिताए। सरमा ने यह संदेह भी जताया कि गोगोई ने इस यात्रा के दौरान “कोई प्रशिक्षण” लिया हो सकता है।
गोगोई का जवाब:
इस आरोप पर गौरव गोगोई ने प्रतिक्रिया दी और हिमंता सरमा के प्रेस कॉन्फ्रेंस को “सुपर फ्लॉप” और “सी-ग्रेड सिनेमा” से भी बदतर करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप “बेतुकी और मनगढ़ंत” बातें हैं, और यह सब “राजनीतिक चाल” है। गोगोई ने यह भी कहा कि उनकी यात्रा पूरी तरह से पारदर्शी थी और उन्होंने हमेशा अपनी गतिविधियों को साफ रखा है।
एफसीआरए उल्लंघन और वीजा मामले पर केंद्रीय जांच की सिफारिश:
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि एलिजाबेथ ने पाकिस्तानी बैंक खाते से पैसे प्राप्त किए और चुनावी हलफनामे में इस बारे में जानकारी नहीं दी गई। इसके साथ ही असम सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से उनके ओसीआई/वीजा को रद्द करने की मांग की है, क्योंकि यह भारत की सुरक्षा के लिए हानिकारक हो सकता है।
इस मुद्दे पर अभी और भी राजनीतिक विवाद की संभावना बनी हुई है। हिमंता सरमा ने गोगोई और उनकी पत्नी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि गोगोई ने इन आरोपों को पूरी तरह से नकारा किया है। यह मामला अब केंद्रीय जांच एजेंसियों के पास जा सकता है, क्योंकि मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्तर पर जांच की सिफारिश की है।










