कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे से ठीक पहले भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में संगठन और वोटर लिस्ट को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। शुक्रवार शाम को कालीघाट स्थित अपने आवास पर उन्होंने पार्टी के काउंसिलरों और बीएलए-२ स्तर के नेताओं के साथ एक आपात बैठक की, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम, सुब्रत बख्शी, देवाशीष कुमार और असीम बोस भी शामिल थे।
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने काउंसिलरों को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि इलाके में ठीक से काम नहीं हो रहा है। खासकर भवानीपुर में खसड़ा वोटर लिस्ट से लगभग ४५ हजार मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर वह बेहद नाराज हैं। इस पर उन्होंने काउंसिलरों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि हर मतदाता के घर जाकर संपर्क किया जाए और वोटर लिस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं हो।
ममता ने चुनावी प्रक्रिया को ‘दुराचार के खिलाफ लड़ाई’ बताया और ६३ और ७२ नंबर वार्ड में संगठनात्मक कार्य को तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी के मामलों पर शीघ्र सुनवाई हो और जिनके नाम अंतिम सूची से हटाए जाएंगे, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही, उन्होंने रोजाना की कार्य रिपोर्ट भी तलब की, जिसे सभी काउंसिलरों को फिरहाद हकीम और देवाशीष कुमार को सौंपनी होगी, और फिरहाद हकीम सीधे ममता बनर्जी तक रिपोर्ट पहुंचाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ममता बनर्जी ने दिल्ली रवाना होने से पहले अपने क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने और वोटर लिस्ट में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया है।










