काठमांडू: मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण वैश्विक पेट्रोलियम आपूर्ति प्रभावित होने से नेपाल भी ईंधन संकट की चुनौती का सामना कर रहा है। सरकार अब साप्ताहिक अवकाश बढ़ाने और वाहनों में ऑड-ईवन प्रणाली लागू करने जैसे विकल्पों पर विचार कर रही है।
उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय के प्रवक्ता नेत्रप्रसाद सुवेदी ने बीबीसी से कहा कि ईंधन की खपत कम करने के लिए श्रीलंका जैसे देशों द्वारा अपनाए गए उपाय नेपाल में भी आवश्यक हो सकते हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय राजनीतिक और नीतिगत स्तर पर लिया जाएगा।
नेपाल आयल निगम के कार्यकारी निर्देशक चण्डिकाप्रसाद भट्ट ने बताया कि सरकार को ईंधन खपत कम करने के सुझाव पहले ही दिए जा चुके हैं। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने से निगम पर घाटा भी बढ़ रहा है।
मंत्रालय के अनुसार युद्ध लंबे समय तक जारी रहने पर एलपीजी, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है। भारत से आने वाली आपूर्ति में भी कुछ बाधाएं देखी जा रही हैं।
सरकार ने नागरिकों से विद्युत चूल्हे के उपयोग को बढ़ाने की अपील की है तथा आधा सिलेंडर गैस बिक्री की व्यवस्था भी शुरू की गई है। हालांकि, परिवहन व्यवसायियों का कहना है कि ऐसे निर्णयों से आम जनता की आवाजाही और आजीविका पर प्रभाव पड़ सकता है।









