नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच शांति की जो धुंधली उम्मीद जगी थी, वह बुधवार शाम होते-होते पूरी तरह खत्म हो गई। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच घोषित १४ दिनों का सीजफायर १२ घंटे भी नहीं चल पाया। समझौते के चंद घंटों बाद ही इजरायल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से ईरान की एक बड़ी तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया।
ईरान का पलटवार: यूएई और कुवैत पर मिसाइल वर्षा
इस हमले के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया है। ईरान ने उन पड़ोसी खाड़ी देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दागने शुरू कर दिए हैं, जिन्होंने अपनी जमीन पर अमेरिकी सैन्य बेस बनाने की अनुमति दी है। ताजा खबरों के मुताबिक, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत को निशाना बनाया है। ईरान का तर्क है कि इन्हीं देशों के बेस का इस्तेमाल कर उस पर हमले किए जा रहे हैं।
बाजार में हलचल: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
सीजफायर टूटने की खबर मिलते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में हड़कंप मच गया। कच्चे तेल की कीमतों में जो गिरावट देखी जा रही थी, वह अचानक थम गई और कीमतें १% से अधिक उछल गईं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जंग और तेज हुई तो तेल की कीमतों में बड़ा ‘यू-टर्न’ देखने को मिल सकता है, जिससे वैश्विक महंगाई और मंदी का खतरा फिर से बढ़ जाएगा।








