कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी नीत केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची के पुनरीक्षण के जरिए लोगों का “मताधिकार छीनने” की कोशिश कर रही है।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद हजारों लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, “हम नरेन्द्र मोदी और भाजपा को आपका मताधिकार नहीं छीनने देंगे। लोकतंत्र और हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा के लिए हम अंत तक लड़ेंगे।”
बनर्जी ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर खासकर अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह के हर प्रयास का विरोध करेगी।
सभा के दौरान उन्होंने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि बंगाल को बांटने की कोशिश करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य की सांप्रदायिक सौहार्द की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते हैं और किसी को भी इस सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने नहीं दिया जाएगा।
गौरतलब है कि रेड रोड पर आयोजित होने वाला वार्षिक ईद समागम पूर्वी भारत के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जाता है और चुनावी वर्षों में यह राजनीतिक मंच का रूप ले लेता है। राज्य में मुस्लिम मतदाता करीब 30 प्रतिशत हैं, जिससे इस आयोजन का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाता है।
इस बार यह महत्व और भी अधिक है क्योंकि राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथा कार्यकाल हासिल करने की कोशिश में है, जबकि भारतीय जनता पार्टी अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है।








