मंगलुरु में निषेधाज्ञा जारी

IMG-20250503-WA0237

मंगलुरु: मंगलुरु के निकट सुरथकल में जुलाई २०२२ में हुई हत्या के एक मामले के मुख्य अभियुक्त एवं हिंदूवादी कार्यकर्ता सुहास शेट्टी की हत्या के बाद बढ़े तनाव के बीच पुलिस ने शुक्रवार से ६ मई तक पूरे शहर में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। कुख्यात बदमाश शेट्टी की गुरुवार देर शाम मंगलुरु शहर के बाजपे पुलिस थाना क्षेत्र में एक अज्ञात समूह ने हत्या कर दी थी।
पुलिस ने इस घटना के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा १६३ के तहत मंगलुरु शहर पुलिस थाना क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। शहर पुलिस आयुक्त अनुपम अग्रवाल की ओर से जारी आदेश में जनसभाएं, बैठकें, रैलियां एवं नारेबाजी करने और ऐसी वस्तुओं को ले जाने पर रोक लगाई गयी है, जिनका इस्तेमाल हथियार के रूप में किया जा सकता है। शेट्टी विभिन्न स्थानीय हिंदुत्व संगठनों से कथित तौर पर जुड़ा था और उसके खिलाफ कई मामले दर्ज थे।
पुलिस ने बताया कि सुहास शेट्टी सुरथकल में मोहम्मद फाजिल (२३) की २०२२ में हुई सनसनीखेज हत्या के मुख्य अभिुक्तों में से एक था। उसने बताया कि शेट्टी की हत्या मंगलुरु शहर के बाहरी इलाके बाजपे के किन्नीपदावु में गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे की गयी। पुलिस के अनुसार, शेट्टी अपने साथियों के साथ एक वाहन में कहीं जा रहा था तभी एक कार और एक पिकअप वाहन में सवार पांच-छह हमलावरों ने उसे कथित तौर पर रोक लिया।
हमलावरों ने शेट्टी पर धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी। पुलिस ने बताया कि शेट्टी कुछ दिन पहले ही कई अपराधों के लिए सजा काटकर जेल से बाहर आया था। शेट्टी की हत्या के बाद सैकड़ों लोग अस्पताल के पास जमा हो गए। विभिन्न संगठनों से उसके कथित रूप से जुड़े होने के कारण उसकी हत्या को संवेदनशील घटना के रूप में देखा जा रहा है और पुलिस ने अपराधियों का पता लगाने के लिए अभियान शुरू किया है। पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह हमला सोच-समझकर किया गया। उसने कहा कि हत्या का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है और मामले की जांच जारी है।

About Author

Advertisement