भारत-बांग्लादेश तेल पाइपलाइन: शेख हसीना विरोधी प्रोपेगैंडा का खुलासा

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ढाका: ईरान की जंग और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने बांग्लादेश को ५००० टन डीजल की आपूर्ति भेजी है। यह आपूर्ति उसी भारत-बांग्लादेश क्रॉस-बॉर्डर तेल पाइपलाइन से हुई है, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कार्यकाल में बनाया गया था।
पूर्व सूचना मंत्री मोहम्मद अली अराफात ने कहा कि इस पाइपलाइन को लेकर विपक्षी दलों ने झूठा प्रचार किया। बीपीएन और जमात-ए-इस्लामी ने इसे भारतीय दबदबे का प्रतीक बताते हुए आलोचना की और शेख हसीना पर देश बेचने का आरोप लगाया।
अराफात ने स्पष्ट किया कि यह पाइपलाइन दोस्ती और सहयोग का प्रतीक है। इसके माध्यम से बांग्लादेश को स्थिर और सस्ती ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित हुई है।
भारत-बांग्लादेश तेल पाइपलाइन तथ्य:
वर्ष २०२३ में शुरू हुई
भारत के नुमालीगढ़ रिफाइनरी से बांग्लादेश के पार्वतीपुर रेलहेड डिपो तक १३० किलोमीटर लंबी
भारत की लाइन ऑफ क्रेडिट से लगभग ३.४६ अरब रुपये की लागत
उद्घाटन के दिन ही ९० लाख लीटर डीजल भेजा गया
इस आपूर्ति ने साबित कर दिया कि पूर्व में फैलाए गए विरोधी प्रचार के विपरीत, यह परियोजना बांग्लादेश के लिए जीवनरेखा साबित हुई है।

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